अखिलेश के दो करीबियों पर आयकर छापा

उत्तर प्रदेश फीचर

अजय भट्टाचार्य
इत्र व्यवसायी व समाजवादी पार्टी के एमएलसी पुष्पराज जैन के यहाँ छापेमारी के बाद मंगलवार को आयकर विभाग ने सपा से जुड़े एक बिल्डर और एक जूता कारोबारी के ठिकानों पर के बाद आयकर विभाग ने छापे मारे हैं। अखिलेश यादव के करीबी बताए जा रहे अजय चौधरी और नोवा शू एक्सपोर्ट के मालिक मन्नू अलघ के घर पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की है। मन्नू अलघ सपा के मुखिया अखिलेश यादव के करीबी रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा में आज आयकर विभाग की टीम ने जूता कारोबारियों के घरों पर छापेमारी की। जिनमें से एक मन्नू अलघ का घर है। वहीं दो अन्य भरतपुर हाउस कॉलोनी में शू एक्सपोर्टर्स विजय आहूजा के घर और मानसी चंद्रा की जूता फैक्ट्री पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा है।

दूसरी तरफ आयकर विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बड़े बिल्डरों में शुमार और अखिलेश के करीबी बताए जाने वाले अजय चौधरी के ठिकानों पर भी धावा बोला है। आयकर अधिकारियों ने सुबह से ही एस (ACE) ग्रुप के नोएडा, दिल्ली और आगरा स्थित दफ्तरों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की जो समाचार लिखे जाने तक जारी थी। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, ACE ग्रुप के चीफ अजय चौधरी बहुत दिनों से इनकम टैक्स विभाग के रडार पर थे। बीते हफ्ते इत्र कारोबारी व सपा एमएलसी पुष्पराज जैन के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण इनपुट्स मिले थे, उसी के आधार पर यह छापेमारी हुई है।
आगरा में एक जूते बनाने वाली और उन जूतों को निर्यात करने वाली कंपनी आरसीकेके से जुड़े नोवा शूज के खिलाफ प्रमुख मन्नू अलघ को हरसिमरन सिंह के नाम से भी जाना जाता है। मन्नू अलघ आगरा में ही रहते हैं। मन्नू अलघ को अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है. जब सितंबर महीने में मन्नू अलघ की माँ का निधन हुआ था, तो उनके घर पर शोक व्यक्त करने खुद अखिलेश यादव पहुंचे थे। जबकि एस ग्रुप के नोएडा, दिल्ली, मुंबई और आगरा समेत कई शहरों के 42 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है। नोएडा के सेक्टर 126 स्थित एस रियल एस्टेट के कॉरपोरेट ऑफिस पर मंगलवार सुबह करीब 7 बजे कई गाड़ियों में सवार होकर आयकर विभाग की 14 सदस्यीय टीम पहुंची और पूरे परिसर को अपने घेरे में ले लिया। इस छापेमारी की कार्रवाई को लेकर अभी तक किस किसी अधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया है। एस रियल एस्टेट के मालिक अजय चौधरी का नाम नोएडा के बड़े बिल्डरों में गिना जाता है। इसकी स्थापना 2010 में हुई थी, उस समय सपा की सरकार थी। ग्रुप ने तेजी से रियल एस्टेट के करोबार में अपनी जगह बनाई है। इससे पहले आयकर विभाग ने कन्नौज के इत्र कारोबारी पीयूष जैन और फिर पुष्पराज जैन उर्फ पंपी जैन के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। पुष्पराज जैन समाजवादी पार्टी के एमएलसी हैं। अभी तक पुष्पराज जैन के घर से बरामदगी को लेकर कोई सूचना नहीं आई है। पीयूष जैन के घर से करीब 197 करोड़ रुपये नकद 23 किलो सोना मिला है। पीयूष जैन पर कर चोरी का आरोप है और अब उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
(लेखक देश के जाने माने पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं।)

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