इश्क का रास्ता न बन जाये करतारपुर कारीडोर!

दुनिया फीचर

अजय भट्टाचार्य
पाकिस्तान
के पंजाब प्रांत में करतारपुर साहिब के बाहर बिना सिर ढंके फोटो शूट कराने का मामला गरमाने के बाद पाकिस्तानी मॉडल ने माफी मांग ली है। पाकिस्तानी मॉडल सौलेहा ने अपने इंस्टाग्राम से सभी तस्वीरें डिलीट कर दी हैं। दरबार साहिब सहित किसी भी सिख तीर्थ स्थल पर सिर ढंकना अनिवार्य होता है जबकि सौलेहा ने नंगे सिर तस्वीरें खिचाई थीं। मगर दरबार साहिब जाने के बहाने पाकिस्तानियों से शादी रचाने वालों के लिए कौन माफ़ी मांगेगा? जिस तरह से पवित्र दरबार साहिब की यात्रा को सीमापार के प्रेमी जोड़े इस्तेमाल कर रहे हैं इसके नतीजे गंभीर भी हो सकते हैं। शादी के बहाने देश की सुरक्षा से जुड़े हित भी प्रभावित हो सकते हैं।

दरबार साहिब जाने वाले करतारपुर कारीडोर को कथित प्रेमियों के मिलन का रास्ता बनने से रोकना होगा। यह पहला मामला नहीं जिसमें भारतीय महिला ने पाकिस्तान के युवक से शादी की है। 24 अक्तूबर 2018 को बठिंडा की विवाहिता व दो बच्चों की मां को गुजरांवाला (पाकिस्तान) के रहने वाले मोहम्मद सुलेमान के साथ सोशल मीडिया पर प्यार हो गया। यह महिला भी जत्थे के साथ पाकिस्तान गई। वहां इसने सुलेमान के साथ शादी कर दी। 12 अप्रैल 2019 को होशियारपुर निवासी तीन बच्चों की मां भी पाकिस्तान गई और वहां पहुंचने के चार दिन बाद ही लाहौर के मोहम्मद आजम के साथ शादी कर ली। इसी तरह 23 नवंबर 2019 को करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते हरियाणा की महिला सीमा पार करके पाकिस्तान में अपने फेसबुक फ्रेंड अब्बास मुख्तार के पास पहुंच गई।

पाक रेंजर्स की इस पर नजर पड़ने पर उसे पकड़ लिया गया और बीएसएफ को सौंप दिया गया। इसी तरह 11 दिसंबर 2019 को अमृतसर का जतिंदर सिंह करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान में पंजाब यूनिवर्सिटी, लाहौर की अपनी दोस्त (छात्रा) आशिया रफीक से मिलने पहुंचा था। पाक रेंजर्स की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसे पकड़ लिया और बीएसएफ की फ्लैग मीटिंग में एतराज जताकर उसे बीएसएफ के हवाले कर दिया। इससे पहले 2018 में पाकिस्तान का हिंदू युवक विक्की जत्थे के साथ भारत आया था और अपनी फेसबुक फ्रेंड के पास गुजरात पहुंच गया, जहां से पुलिस ने उसे पकड़ कर पाकिस्तान भेज दिया। पिछले समय के दौरान इस तरह के मामले सामने आने पर भारत सरकार ने जत्थे के साथ अकेली लड़की या महिला के जाने पर रोक लगा दी थी। इसकी जानकारी इस महिला को थी, तो वह जत्थे में अपने पति को भी साथ लेकर गई, ताकि उसे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ताजा मामला श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान गए जत्थे के साथ गई कोलकाता की महिला पाकिस्तान में अपने प्रेमी के साथ शादी करने का है। महिला ने अपने पति की अनुमति से प्रेमी के साथ पुलिस की मौजूदगी में लाहौर की मस्जिद में निकाह किया। इससे पहले महिला ने वहां इस्लाम धर्म कबूल किया। महिला और उसका पहला पति दोनों ही मूक बधिर हैं। महिला का दूसरा पति भी मूक बधिर है। हालांकि शादी के बाद पाकिस्तान सरकार द्वारा वहां रहने की मंजूरी नहीं दिए जाने पर महिला अपने भारतीय पति के साथ वाघा-अटारी सरहद के रास्ते वापस कोलकाता लौट गई। पासपोर्ट के मुताबिक कोलकाता की रहने वाली महिला का जन्म लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में हुआ। वह 17 नवंबर को अटारी के रास्ते सीमा पार कर पाकिस्तान में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में हिस्सा लेने के लिए जत्थे के साथ गई थी। 23 नवंबर को जब जत्था लाहौर पहुंचा, तो महिला वहां के मोहम्मद इमरान के पास पहुंच गई। उसने दस्तावेज तैयार करवाए और 24 नवंबर को इमरान के साथ लाहौर में शादी कर ली। शादी से पहले उसने इस्लाम कबूल किया और अपना नाम परवीन सुल्ताना रखा। शादी के बाद इस महिला और उसके पाकिस्तानी पति ने लाहौर की अदालत में अपील दायर करते हुए महिला के पाकिस्तान में रहने की इजाजत मांगी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। जिसके बाद यह महिला अपने भारतीय पति के साथ लौट आई। यहां पहुंचने के बाद उसने पाकिस्तान का वीजा अप्लाई करने के संकेत दिए। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान परमजीत सिंह सरना ने कहा कि इस तरह का कदम भविष्य के लिए खतरा हो सकता है। महिला दो साल पहले सोशल मीडिया पर इमरान के संपर्क में आई। दोनों चैटिंग करने लगे और दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद से ही वह पाकिस्तान जाने का प्रयास कर रही थी।
(लेखक देश के जाने माने पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक हैं।)

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