कल्याण की राजनीति में तेजी से उभरता चेहरा रुपेश भोईर

राजनीति

-कर्ण हिंदुस्तानी
वैसे तो मैं कभी किसी राजनीतिज्ञ की तारीफ़ में कसीदे नहीं पढता। लेकिन कभी – कभी कुछ चेहरे ऐसे भी सामने आ जाते हैं जिनको देख कर लगने लगता है कि देश की आने वाले पीढ़ी में युवाओं का राजनीती में झुकाव एक सकारात्मक दिशा की तरफ जा रहा है। मौजूदा समय में जब देश का युवा राजनीतिज्ञों का नाम लेने से पहले एक गंदी सी गाली मन ही मन देता है वहीँ कल्याण में एक युवा ऐसा भी है ,जो है तो राजनीती दल का सदस्य और शहर का पदाधिकारी भी है। मगर उसके काम करने का तरीका , सबको साथ लेकर चलने का जूनून अलग छबि बनाता है। मैं बात कर रहा हूँ महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के कल्याण शहर संगठक रुपेश चंद्रकांत भोईर की। मेरी रुपेश से मित्रता कोई ख़ास पुरानी नहीं है। महज छह माह पहले बीजेपी के एक पदाधिकारी ने रुपेश से मेरी मुलाक़ात करवाई थी और आज रुपेश मेरे ख़ास मित्रों की सूची में है। दरअसल कल्याण में दिसंबर माह में एक मामला सामने आया। इस मामले में मनपा के क्लीन मार्शल मनपा की इज़ाज़त के बिना, बगैर मास्क लगाए घूमने वाली जनता से आर्थिक दंड वसूल रहे थे। सुबह तीन बजे से सुबह आठ बजे तक यह वसूली जारी रहती थी। मुझे इस बात की खबर लगी तो मैंने कई राजनीतिक दल के पदाधिकारियों से सम्पर्क कर यह लूट रोकने की मांग की। मगर कोई भी सामने नहीं आया। आखिरकार रुपेश भोईर ने यह लूट का धंधा बंद करवाया और तमाम लालच को दरकिनार कर क्लीन मार्शल पर हफ्ता वसूली का केस दर्ज करवाया और तब जाकर यह लूट रुकी। इसके बाद रुपेश ने मुझे घर पर आमंत्रित किया तो मैंने देखा उसके घर पर चंद्रकांत भोईर की तस्वीर लगी थी। चंद्रकांत भोईर कल्याण डोम्बिवली मनपा के पहले स्थाई समिति सभापति थे और मेरे अच्छे मित्र भी थे। मैंने रुपेश से पूछा इनकी तस्वीर तुम्हारे घर में क्या कर रही है ? तो मुझे पता चला कि रुपेश चंद्रकांत भोईर का लड़का है। …. इसके बाद रुपेश से मेरा लगाव बढ़ गया। मैंने कुछ ही दिन में देख लिया कि रुपेश के मन में आम जनता की तकलीफों को लेकर एक टीस है। … वह जनता को उनकी समस्याओं से निजात दिलवाना चाहता है। रहेजा काम्प्लेक्स में रहते हुए रुपेश ने रहेजा काम्प्लेक्स की समस्याओं को सबसे पहले हल करने का बीड़ा उठाया। गंदगी से भरे गटर मनपा में पत्र व्यवहार करके साफ़ करवाए। साबिर भाई शेख उद्यान के सामने बरसों से पड़े कचरे को उठवाया। बुजुर्गों की कई समस्याओं को प्राथमिकता देकर हल करवाने वाले रुपेश भोईर ने हर जाति धर्म के लोगों को साथ लेकर चलने का अनोखा कार्य किया है। रुपेश भोईर ने हाल ही में हल्दी – कुमकुम समारोह का ऐसा भव्य आयोजन किया कि सभी देखते रह गए। हज़ारों की संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। मैंने अपने पच्चीस सालों के पत्रकारिता के दौर में कभी इतना भव्य हल्दी – कुमकुम समारोह नहीं देखा था। …. अपने परिवार को संभालते हुए रुपेश ने जो समाजसेवा का बीड़ा उठाया है वह तारीफ़ के काबिल है। …. राजनीती में रुपेश जैसे युवाओं का प्रवेश अपने आप में शुद्ध राजनीती की तरफ इशारा करता है। मेरी पच्चीस सालों की पत्रकारिता के दौर में मैंने स्वर्गीय हरिश्चंद्र पाटिल (पूर्व महापौर , विधायक ) , नगरसेवक श्रीधर महात्रे और चंद्रकांत भोईर जैसे लोगों सा कोई नहीं देखा जिन्होंने सिर्फ और सिर्फ जनता की खातिर राजनीती की। जनता की तकलीफों को अपना समझा। बाकी किन्तु – परन्तु सभी में होता है। ऐसी ही राजनीती करने का संकल्प लिए रुपेश भोईर आगे बढ़ रहे हैं। यदि राजनीती में रुपेश भोईर जैसे युवा सकारत्मक सोच लेकर चलेंगे तो मेरा मानना है कि राजनीती में फैली गंदगी अपने आप दूर हो जाएगी। किसी प्रकार का लोभ मन में ना रख कर समाजसेवा को अपना लक्ष मानने वाले रुपेश भोईर को भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

(लेखक जानेमाने पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक हैं)

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