प्रवासी मजदूरों की समस्या पर भाजपा नेता विनोद मिश्रा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र-

मुंबई राष्ट्रीय

मजदूरों को गांव भेजने की समुचित व्यवस्था करे महाराष्ट्र सरकार

  • सचिन यादव
    मुंबई. मनपा पी/उत्तर के प्रभाग समिति अध्यक्ष व भाजपा नेता विनोद मिश्रा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से प्रवासी मजदूरों को उनके गांव भेजने की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।
    उन्होने इस संबंध मे मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र मे कहा है कि परप्रांतीय मजदूर, विद्यार्थी और पर्यटक तथा अन्य लोगों को उनके गृह प्रदेश जाने के लिए भारत सरकार का आदेश होने के बाद भी सुचारू रूप से यातायात की सुविधा नही हो पा रही है। महाराष्ट्र सरकार ने वादा किया था कि परप्रांतीय फसे लोगों को राज्य परिवहन निगम की 10 हजार बसों द्वारा उनके प्रदेशों तक पहुचाया जायेगा। आज 8 दिन हो गये है। लेकिन आज तक एक भी राज्य परिवहन निगम की बसों से लोगों को छोडा नही गया है।
    विनोद मिश्रा ने पत्र मे आगे कहा है कि तत्काल लोगों को बसो द्वारा 25-25 के समूह मे उनके गृह निवास तक पहुचाने की कृपा करे। सभी नागरिकों को पुलिस स्टेशन में 8 से 10 घंटे लाईन मे खड़ा रहना पडता है, उनके लिए खाने की व्यवस्था व प्रवास फार्म जमा कराने के लिये काऊंटर को बढ़ाया जाय। जिससे उन्हें प्रवास के लिए अनुमती मिलने मे सुविधा हो। उन्होने शराब की दुकान खोलने के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। शराब की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ के कारण पुलिस को बंदोबस्त लगाना पड़ रहा है। जिससे कोरोना जैसी महामारी बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है। इसलिये इस निर्णय पर महाराष्ट्र सरकार पुनः विचार करे व शराब की दुकान पर लगी पुलिस को हटाकर उन्हें गृह निवास जाने वाले प्रवासी यात्रियों की सुविधा में लगाया जाये। सभी मुंबईकरों का सरकार व महानगरपालिका द्वारा उपचार करना चाहिए। इस संदर्भ मे मैने मुख्यमंत्री व आयुक्त महोदय को पत्र दिया था। उसी के संदर्भ में राजेश टोपे का बयान आया था कि कोरोना से बाधित सभी मरीजों का उपचार महाराष्ट्र सरकार मुफ्त मे करेगी। लेकिन महोदय आज भी सरकारी व महानगरपालिका के अस्पतालों मे बेड उपलब्ध न होने के कारण मुंबईकर निजी अस्पतालों में इलाज करवाने के लिये मजबूर है। जहाँ बड़े पैमाने पर बिल का बोझ पड़ रहा है। भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है, कि कोरोना से बाधित सभी लोगों का जो महाराष्ट्र सरकार ने आश्वासन दिया था उसके अनुसार उनका इलाज मुफ्त में होना चाहिए व उसका भुगतान महाराष्ट्र सरकार को करना चाहिए।
    गृह निवास के लिये जानेवाले लोगों को स्वास्थ प्रमाण पत्र के लिए नई दिशा निर्देश जारी करे। प्रमाणपत्र के नाम पर लुट पाट चालू है।

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