मुंबई से ‘निसर्ग’ का खतरा टला, अगले कुछ घंटे भारी बारिश की संभावना

राष्ट्रीय

-सचिन यादव

मुंबई। निसर्ग चक्रवात और बारिश मुंबई तट से खतरा टल गया है। खबर लिखे जाने तक कुछ पेड़ो के गिरने के आलावा किसी जनहानि की खबर नही थी। इस बीच स्कायमेट ने बताया है कि मुंबई से निसर्ग का खतरा टल गया है। लेकिन कुछ घंटे मुंबई और आसपास के क्षेत्रों मे भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।

मुंबई मनपा चक्रवात आने से पहले ही सभी आपातकालीन प्रणालियों को तैयार रहने का आदेश दे दिया था। साथ ही, मुंबईकरों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए थे। एहतियात के तौर पर कार चालकों को चाकू या हथौड़ा लेकर चलने के लिये कहा गया था। ताकि वाहन बाढ़ में फंस जाए, तो उसे वाहन से बाहर निकलने में मदद मिले।

इसके साथ ही यह सुझाव पिछले अनुभव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। यदि किसी भी समय बाढ़ के पानी में वाहन फंस जाता है और दरवाजे बंद हो जाते हैं तो किसी नुकीली चीज की मदद से वाहन के शीशे को तोड़ना उद्देश्य है।

मुंबई मनपा ने एहतियातन जो उपाय किये गये।

  • नागरिकों के अस्थायी आश्रय के लिए नगर निगम द्वारा लगभग 35 स्कूल तय किए गए थे।

*मुंबई के 6 चौपाटीयों पर लाइफगार्ड तैनात किए गए थे। बचाव नौकाओं, जेट स्की आदि से लैस।

*राष्ट्रीय आपदा राहत दल की कुल 8 इकाइयां, नौसेना की 5 इकाइयां मुंबई में विभिन्न स्थानों पर तैनात थे।

  • एनडीआरएफ की कोलाबा (ए डिवीजन), वर्ली (जी / साउथ), बांद्रा (एच / ईस्ट), अंधेरी (के / वेस्ट), मलाड (पी / साउथ) और बोरिवली (आर / नॉर्थ) में 3 टीमें तैनात थीं।
  • आपात स्थिति में मदद के लिये हेल्पलाइन नंबर 1916 जारी किया गया था।
  • मनपा मुख्यालय में आपातकालीन नियंत्रण कक्ष चक्रवात प्रबंधन के लिए स्थापित किया गया। पुलिस, फायर ब्रिगेड, BEST, पार्क विभाग, जनसंपर्क विभाग के प्रतिनिधि समन्वय बनाये रखा।

*एनएमसी के नियंत्रण कक्ष में 5000 से अधिक कैमरों के माध्यम से घटनाक्रम की निगरानी।

*300 से अधिक संभावित जलजमाव क्षेत्रों में पानी पंप करने के लिए पंप उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा, सभी पंपिंग स्टेशनों पर पर्याप्त जनशक्ति।

  • खतरनाक इमारतों का निरीक्षण करके नागरिकों को सतर्क किया गया। *संवेदनशील स्थानों के साथ-साथ अस्पतालों में बिजली के लिए जनरेटर उपलब्ध कराने का आदेश।

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