राहुल गांधी के हम दो, हमारे दो कहते ही क्यों बौखलाई भाजपा?

राजनीति

-विजय यादव

मुंबई। गुरुवार को लोकसभा में बजट भाषण पर बोलते हुए राहुल गांधी ने परिवार नियोजन से जुड़े एक नारे को याद दिलाते हुए कहा कि हम दो, हमारे दो। राहुल गांधी का इतना कहना भर था कि सत्ता पक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। आखिर इस वाक्य में ऐसा क्या था कि भाजपा सांसदों को परेशान कर दिया?

 ज्ञात हो कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गुरुवार को बजट पर भाषण देना था, लेकिन वह अपने कुल 22 मिनट के भाषण में 20 मिनट किसान कानून पर ही बोलते रहे। भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि मैंने सोचा कि प्रधानमंत्री जी को खुश करें… तब तक सदन पूरी तरह शांत रहा। शायद सदस्यों को लगा होगा कि राहुल गांधी वाकई कुछ अच्छा बोलेंगे। या प्रधानमंत्री से गले मिलने जैसी पुरानी हरकत करें, जिससे एक बार फिर सत्ता पक्ष को राहुल गांधी का मजाक बनाने का मौका मिले। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

राहुल ने कृषि कानून के कंटेंट और इंटेंट पर बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने इसी विषय पर बोलते हुए कहा कि कुछ साल पहले परिवार नियोजन पर एक नारा आया था हम दो, हमारे दो। जैसे कोरोना नए रूप में आया है इसी तरह यह नारा भी नए रूप में आया है। उन्होंने कहा कि आज देश को चार लोग चलाते हैं। हम दो, हमारे दो। इस पर भाजपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। किसी सदस्य ने कहा कि नाम भी बता दो। राहुल ने जवाब में कहा कि नाम सभी को पता है।

 पिछले कुछ समय से कांग्रेस की ओर से लगातार यह बात सामने आ रही है कि सरकार अडानी और अंबानी समूह को बढ़ावा दे रही है। कृषि कानून को लेकर भी इस बात चर्चा तेज है कि इस कानून के लागू होने से अडानी और अंबानी को लाभ पहुंचाने की योजना है। किसानों के मंच से भी इस बात की चर्चा होती रही है। पंजाब में इसी बात को लेकर जियो मोबाइल के टावर बंद करने का अभियान भी किसानों द्वारा चलाया गया। अब एक बार फिर राहुल गांधी देश के दो उद्योगपतियों का नाम लिए बगैर सदन में हम दो, हमारे दो कह कर नई बहस की शुरुआत कर दी है। सोशल मीडिया पर इस नारे को लेकर विपक्ष सत्ता पक्ष को खूब ट्रोल कर रहा है। 

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