वाराणसी की मुनिता प्रजापति ने कैसे रचा इतिहास?

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न्यूज़ स्टैंड18 नेटवर्क

वाराणसी। बनारस के रोहनिया शाहबाजपुर के बढ़ैनी खुर्द की एक मजदूर की बेटी मुनिया प्रजापति ने यह साबित कर दिया है कि अगर कुछ करने का जज्बा हो तो आर्थिक दिक्कतें रास्ता नहीं रोक सकती।

मुनिता ने 36वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप गुहाटी में 10 किमी वाक रेस रिकॉर्ड बनाकर वाराणसी सहित पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है।मुनिता 47 मिनट 52 सेकेंड में 10000 मीटर रेस वॉक चैंपियनशिप खत्म कर अपने नाम नया रिकॉर्ड बना लिया। इससे पहले 48 मिनट 25 सेकेंड यह रिकॉर्ड रेशमा पटेल ने बनाया था। इसी के साथ मुनिता अगस्त 2021 में कीनिया चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
मुनिता बेहद गरीब परिवार से है। इसके पिता बिरजू प्रजापति की 2011 में मुंबई में इलेक्ट्रिक का काम करते समय करंट लगन से दाहिने पैर की दो उंगली कट गई। तभी से वह गांव रहने लगे। इस मुकाम तक मुनिता को पहुंचाने में इनकी मां राशमनी का बड़ा योगदान है। मां रिश्तेदारों और परिचितों से पैसे मांग मांग कर यहां तक पहुंचाया। दौड़ने के लिए मुनिता के पास जूते तक नहीं थे, जिसे गांव के है रिश्ते में कुछ भाइयों ने उपलब्ध कराया। मुनिता की इच्छा है कि सरकार उसे कोई नौकरी दे देती तो वह परिवार का पेट पाल सके। पिता दिव्यांग होने की वजह से कोई भारी काम नहीं कर पाते। 

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