शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी किसी भी दल को आम जनता की परवाह नहीं- आप विधायक आतिशी

राजनीति

विजय यादव/ न्यूज़ स्टैंड18 नेटवर्क

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2022 में आम आदमी पार्टी पूरे जोर शोर से मैदान में उतरेगी , क्योंकि आम मुंबईकर अब बदलाव चाहते हैं। उन्हें स्वच्छ प्रशासन वाली सरकार चाहिए। शिवसेना और भाजपा ने पिछले लगभग 30 साल से जनता पर राज किया और पूरे शहर की प्रशासन व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है । यह कहना है आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय नेता और दिल्ली की विधायक अतिशी का। वे आज मुंबई प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मीट द प्रेस में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिवसेना के साथ कांग्रेस एनसीपी और कुछ और दल एकजुट होकर सत्ता का लाभ ले रहे हैं। सही मायनों में मुंबई मनपा में कोई विपक्ष है ही नहीं। वे सभी सत्तापक्ष हैं ।कांग्रेस भले ही मनपा में विपक्षी दल होने का दावा कर रही हो , लेकिन सच्चाई यह है कि राज्य सरकार में शिवसेना के साथ कांग्रेस भी सहयोगी संगठन है । इसलिए यह सिर्फ एक छलावा मात्र है और आम जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है। इन सभी दलों का आम जनता की तकलीफों पर कोई ध्यान नहीं है। इसीलिए अब मुंबईकर इन दलों से आजिज आ चुके हैं और एक बेहतर विकल्प चाहते हैं। आम जनता की इन्हीं उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए आम आदमी पार्टी मुंबई महानगर पालिका चुनाव में इस बार पूरी तरह से तैयार होकर चुनाव लड़ेगी।

आतिशी ने कहा कि मुंबई मनपा द्वारा संचालित स्कूलों की हालत खराब है । बहुत सारे स्कूल बंद हो चुके हैं। 2008 से 2017 के बीच लगभग 63000 विद्यार्थियों से संख्या घटकर केवल 30000 रह गई। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि मनपा स्कूलों से अभिभावकों और बच्चों का कितना मोहभंग हुआ है। मनपा स्कूलों की खराब हालत के कारण अभिभावकों को अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना पड़ता है । वे यह काम कोई खुशी से नहीं करते , बल्कि मजबूरी में उन्हें ऐसा करना पड़ता है क्योंकि उन्हें अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बनाना है । आतिशी ने आरोप लगाया कि ज्यादातर प्राइवेट स्कूल सत्तारूढ़ दलों के नेताओं द्वारा संचालित होते हैं और वे नहीं चाहते कि मनपा या सरकारी स्कूल सफल हो और उनके धंधे पर कोई असर हो।
इसी तरह अस्पतालों की हालत खस्ता है । साफ-सफाई को लेकर कोई अच्छी व्यवस्था नहीं है । इन सब चीजों को देखते हुए मुंबई में बेहतर प्रशासन वाली एक सरकार की जरूरत है। हमने दिल्ली में इन सारे विषयों पर गंभीरता से काम किया और उसके बहुत ही सार्थक नतीजे जनता और पूरे देश के सामने हैं । 5 साल में हमने दिल्ली की तस्वीर बदल दी है। लगभग हर क्षेत्र में हमने बेहतर काम करके यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छा शक्ति हो तो किसी भी खराब व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सकता है । हमारा दिल्ली का आर्थिक मॉडल भी बहुत सफल रहा है । हमने 5 साल में उसका बजट 30 हजार करोड़ से बढ़ाकर 65000 करोड़ तक पहुंचा दिया। इसलिए हमारा दिल्ली का जो गवर्नेंस का मॉडल है ,वह देश के लिए एक मिसाल बनकर सामने आया है।
मुंबई में भी हम इसी योजना के साथ काम करेंगे और लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे । मुंबई को जरूरत है शिक्षा स्वास्थ्य अच्छे पानी अच्छे वातावरण और बेहतर प्रशासन की, उसे हम लाएंगे। इन्हीं मुद्दों को लेकर हम चुनाव मैदान में उतरेंगे और हमें उम्मीद है कि मुंबईकर हमारी इस बात पर भरोसा करते हुए जरूर मौका देंगे।

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