सरकार के विरोध में मुंबई के एक हजार व्यापारी बेमुद्दत बंद की ओर

बिजनेस मुंबई

न्यूज़ स्टैंड18 नेटवर्क
नई मुंबई। सरकार द्वारा दलहन के स्टॉक नियंत्रण को लेकर केंद्र सरकार द्वारा बनाये गये नए कानून का जोरदार विरोध शुरू हो गया है। इसके विरोध में देश की अधिकांश मंडियों ने हड़ताल भी शुरू कर दी है। आगामी आठ जुलाई को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से व्यापारियों के मिलने पर यदि नया कानून रद्द नहीं हुआ तो मुंबई के एक हजार व्यापारी सहित पूरे देश के लगभग दस करोड़ व्यापारी अनिश्चितकालीन बंद की तरफ रुख करेगे, जिससे आम आदमी भी बुरी तरह प्रभावित होगा।
गौरतलब हो की इस समय बाजार में भय का माहौल है होलसेल व्यापारी नए कानून के डर से माल नही खरीदना चाहते इसके चलते व्यापारियों का रोज बहुत नुकसान हो रहा है।
ग्रेन, राइस & आयलसीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन ( ग्रोमा ) के अध्यक्ष शरद कुमार मारू ने इसका कड़ा विरोध जताया है। और कहा की पूरे देश मे आज भी एमएसपी से कम भाव है।
सरकार ने एससेंसियल कॉमोडिटी एक्ट रद्द किया क्योंकि व्यापारी, मिलर आदि माल जादा खरीद सके, जिससे डिमांड बढ़ जाएगी तथा किसानों के माल का भाव बढ़ जाएगा और उनको जादा फायदा मिलेगा,
व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत अच्छा विज़न था कि, 2022 तक किसानों के उत्पादन का दुगुना भाव मिले जो अब सम्भव नही लग रहा है।
नवी मुंबई ग्रोमा के सचिव भीमजी भानुशाली ने कहा कि दलहन की पैदावार को किसानों को तीन महीने में बेचना होता है, जिसमे 10 प्रतिशत अनाज सरकार किसानों से एम एस पी भाव पर खरीदती है बाकी 90 प्रतिसत आढ़तिया, मिलर, कारपोरेट, व्यापारी खरीदकर किसानों को सहयोग करते है। अगली पैदावार आने तक एक साल में बेचते है, इसीलिए स्टॉक लिमिट नही लगाना चाहिए इससे किसान बरबाद हो जाएगा।
स्टॉक लिमिट के विरोध में पूरे देश की अधिकांश मंडियों बंद है। यदि आदेश रद्द नही किया गया तो पूरे देश की मंडियां बेमुद्दत बंद हो सकती है। नई मुंबई ग्रोमा के व्यापारियों ने इस कानून का कड़ा विरोध किया है।

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