न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
मुंबई। वेस्ट एशिया के संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कुछ केमिकल पर इंपोर्ट ड्यूटी कम की है व कुछ शून्य की है जिससे वस्त्र व केमिकल उद्योग को राहत मिल सके।
केंद्र सरकार युद्ध का कम से कम प्रभाव कपड़ा क्षेत्र पर पड़े इस पर कार्य कर रही है। वस्त्र मंत्रालय जल्द ही एक पावरलूम ऐप भी जारी करने वाला है। जिसमे पावरलूम उद्योग को मिलने वाली सब्सिडी समेत सभी जानकारी दी जाएगी। लूमो की जिओ टैगिंग भी की जाएगी। यह बात टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा देसाई ने भारत मर्चेंट्स चेम्बर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
इससे पहले चेम्बर अध्यक्ष मनोज जालान ने टेक्सटाइल कमिश्नर से माँग की कि वेस्ट एशिया के संकट के तहत साकार को वस्त्र उद्योग को राहत दी जाए। जिसमे लोन पर ब्याज दरों में कमी, जीएसटी को कपड़े पर कुछ समय के लिए शून्य करना, उद्योग में स्किल्ड डेवलपमेंट को बढ़ावा देना, केंद्र की टफ़ स्कीम वापस चालू करना आदि बातो को प्रमुखता से रखा। इस पर टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा देसाई ने कहा कि उद्योग हमे अगर लेबर देता है तो हम उनको स्किल्ड बनायेंगे। मंत्रालय प्रधानमंत्री की 5F पॉइंट पर ही काम कर रहा है। पाँच एफ पॉइंट पर टेक्सटाइल मिनिस्ट्री काम कर रही है। जिसमें खेती से फाइबर से फैक्ट्री से फैशन से फॉरेन शामिल है। प्रधानमंत्री कपड़ा निर्यात को 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना चाहते है और कुल उत्पादन को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। टेक्सटाइल मिनिस्ट्री जल्द ही टेक्स इको पहल स्किलिंग इको सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए टेक्सटाइल विस्तार योजना के तहत समर्थ 2.0 के तहत काम कर रही। इस परिचर्चा में उपाध्यक्ष विनोद गुप्ता, ट्रस्टी राजीव सिंगल, योगेंद्र राजपुरिया, विजय लोहिया, श्रीप्रकाश केडिया, कृष्णदेव अग्रवाल, विवेक बगड़िया, विष्णु केडिया, दीपक बुबना, सुबोध गुप्ता आदि भाग लिया।
