उद्योग धंधे के बाद अब महाराष्ट्र के 40 गांव भी जा सकते हैं दूसरे राज्य

मुंबई

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
मुंबई।
कर्नाटक में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि हम सांगली जिले के जत तालुका के 40 गांवों को कर्नाटक में शामिल करने के प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उसके बाद राज्य के सीमावर्ती गांवों का मामला सामने आया है। इस पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मांग 2012 की है। वे बुधवार (23 नवंबर) को अहमदनगर के शिरडी पहुंचने पर मीडिया से बात कर रहे थे।
एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘यह मांग 2012 से थी। उस समय उस क्षेत्र में पानी की किल्लत थी। तब से हमने वहां कई योजनाएं बनाई हैं। हम सिंचाई परियोजनाओं जैसी कई चीजों को लागू कर रहे हैं। कोई भी गांव पानी की वजह से कर्नाटक जाने पर विचार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि कोई भी गाँव महाराष्ट्र से बाहर न जाए। उस क्षेत्र की कुछ समस्याओं का समाधान कर लिया गया है, जबकि कुछ बनी हुई हैं। शेष मुद्दों का युद्ध स्तर पर समाधान किया जाएगा।
एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, इस बारे में कल हमारी मीटिंग हुई थी। यह पुराना विवाद कोर्ट में विचाराधीन है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई जारी है। इसके अलावा इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने की जरूरत है। राज्य सरकार की भी यही भूमिका है। दोनों राज्यों के राज्यपालों के साथ बैठक भी हो चुकी है। केंद्र सरकार भी इसमें सकारात्मक भूमिका निभाएगी।
क्या कर्नाटक सरकार के सामने महाराष्ट्र सरकार कमजोर पड़ रही है? पत्रकारों ने इस सवाल पर एकनाथ शिंदे ने कहा, इस बीच राज्यपालों की बैठक भी हुई। उस बैठक में कई सुझाव आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को भी इसमें सकारात्मक और सहयोगात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

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