राउत के बाद अब आदित्य ठाकरे केंद्र के निशाने पर

मुंबई

तिरुपति बालाजी मंदिर की भक्ति मुसीबत बनी

विजय यादव
मुंबई।
केंद्र सरकार जल्द ही युवा सेना के नेता व पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। नवी मुंबई के एक 10 एकड़ भूमि को लेकर आदित्य ठाकरे केंद्र सरकार के रडार पर हैं।
एक मराठी दैनिक की खबर के अनुशार केंद्रीय पर्यावरण विभाग ने 500 करोड़ के एक प्लॉट को लेकर जांच के आदेश दिए हैं।
एकनाथ शिंदे गुट का उद्धव ठाकरे से बगावत कर भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने के साथ शिवसेना की मुसीबतें बढ़ गई हैं। संजय राउत को जेल भेजने के बाद अब भाजपा की केंद्र सरकार उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे को घेरने की तैयारी में जुट गई है।
फिलहाल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार का पहला मानसून सत्र चल रहा है। ऐसे में शिंदे और शिवसेना का विवाद एक बार फिर गर्माता जा रहा है। इस सब के बीच आदित्य ठाकरे की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है। क्योंकि आदित्य ठाकरे केंद्र सरकार के रडार पर हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि केंद्रीय पर्यावरण विभाग ने 500 करोड़ के एक प्लॉट को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। आदित्य ठाकरे जब पर्यावरण मंत्री थे तो उन्होंने नवी मुंबई के एक मंदिर को दस एकड़ जमीन दी थी। इसकी जांच कराई जाएगी। आंध्र प्रदेश के तिरुमल्ला तिरुपति बालाजी मंदिर के तर्ज पर नवी मुंबई में एक मंदिर बनाया जा रहा है। इसी के लिए दस एकड़ का भूखंड आवंटित किया गया था। दस एकड़ के इस प्लॉट की कीमत 500 करोड़ रुपए आंकी गई है।
आदित्य ठाकरे ने भी सरकार की काफी आलोचना की थी। इसलिए केंद्र की ओर से जांच के आदेश को आदित्य ठाकरे के लिए झटका माना जा रहा है।
शिंदे और फडणवीस राज्य की सत्ता में हैं, जबकि केंद्र में भाजपा सत्ता में है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले केंद्रीय पर्यावरण विभाग ने यह आदेश दिया है और यह देखना जरूरी है कि क्या इससे भविष्य में आदित्य ठाकरे की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर ने पर्यावरण विभाग के माध्यम से इस भूखंड को दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसमें सिडको ने 40 हजार 400 वर्ग मीटर क्षेत्र के एक मैट इंडेक्स की वृद्धि के साथ उल्वे सेक्टर 12 में प्लॉट नंबर तीन का प्लॉट तिरुपति मंदिर को केवल एक रुपये की मामूली कीमत पर देने का फैसला किया था। नार्वेकर तिरुपति बालाजी देवस्थानम के ट्रस्टी हैं। 30 अप्रैल को खुद आदित्य ठाकरे ने मंदिर को जमीन के इस भूखंड को सौंपने के संबंध में पदाधिकारियों को पत्र सौंपने की तस्वीर पोस्ट की थी।

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