अंडाल के दो रिक्शेवालों का कमाल, परीक्षार्थियों को मुफ्त यात्रा

फीचर

अजय भट्टाचार्य
पश्चिम
बर्दवान के अंडाल में दो ई-रिक्शा चालक माध्यमिक (10 वीं) शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को उनके घरों से परीक्षा केंद्रों तक और मुफ्त में वापस लाने के लिए आगे आए हैं क्योंकि उनमें से कई इतने गरीब हैं कि परीक्षा के दिन भी बस की सवारी नहीं कर सकते।

इन दो ई-रिक्शा चालकों में एक कनई रुइदास दास का कहना है कि कई माध्यमिक परीक्षार्थी पैदल यात्रा करते हैं क्योंकि वे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए बस की सवारी या वाहन किराए पर नहीं ले सकते। गरीबी के कारण हमें स्कूल छोड़ना पड़ा और गरीब परिवारों के छात्रों के सामने आने वाली बाधाओं को जानकर हमने उन्हें मुफ्त में परीक्षा केंद्रों पर ले जाने का फैसला किया। दोनों ड्राइवर बीते सोमवार से एक साथ 100 से अधिक परीक्षार्थियों को माध्यमिक परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाकर परीक्षा के बाद घर वापस ला रहे हैं। इस सेवा को लोकप्रिय बनाने के लिए, उन्होंने अपने वाहन पर एक पोस्टर भी लगाया, जिसमें माध्यमिक परीक्षार्थियों को मुफ्त यात्र की पेशकश की गई थी। इसके अलावा इन दोनों ने परीक्षा के प्रत्येक दिन दो घंटे आरक्षित रखने का निर्णय लिया है। उस दौरान वे किसी अन्य यात्री को स्वीकार नहीं करते। उनका कहना है कि हम भी गरीब लोग हैं लेकिन हम युवाओं के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं वह करना चाहते हैं।
अंडाल में खंडरा हाई स्कूल, उखरा आदर्श हिंदी हाई स्कूल और उखरा केबी हाई स्कूल में तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अधिकांश परीक्षार्थियों को सबुज साथी योजना के तहत राज्य सरकार से साइकिल प्राप्त हुई है, लेकिन परीक्षा के दिनों में वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना पसंद करते हैं। एक परीक्षार्थी काजल बाउरी कहती है कि मुझे एक साइकिल मिली और मैं आमतौर पर इसका उपयोग स्कूल जाने के लिए करती हूं। लेकिन परीक्षा के दौरान, मैं साइकिल चलाने से बचती हूं क्योंकि इससे मेरा तनाव बढ़ जाता है। परीक्षा केंद्र घर से 1.5 किमी दूर है और अगर टोटो चालकों ने उनकी मदद नहीं की होती तो उन्हें पैदल चलना पड़ता। मुफ्त टोटो सेवा उनके लिए एक बड़ी मदद बनकर उभरी है। छात्र बताते हैं कि वे (टोटो ड्राइवर) उनके इलाके में रहते हैं और सब उन्हें अच्छी तरह जानते हैं। वे हमें हमारे अभिभावकों की तरह परीक्षा स्थल पर ले जा रहे हैं। स्थानीय तृणमूल नेता फूलों और मास्क के साथ परीक्षार्थियों का स्वागत कर रहे हैं। उन्हें भी यह जानकर खुशी हुई कि दो टोटो चालक परीक्षार्थियों को मुफ्त में ले जा रहे हैं।

बीरभूम के परुई के दो भाई-बहनों ने रविवार की रात बोलपुर में सड़क दुर्घटना में पिता की मौत के चंद घंटों के भीतर सोमवार को माध्यमिक परीक्षा दी। घनश्याम किस्कू और उनकी सौतेली बहन जिमिना परवीन, बीरभूम के परुई के केशैपुर हाई स्कूल के छात्र सोमवार को अहमदपुर जॉयदुर्गा हाई स्कूल में परीक्षा केंद्र पहुंचे, जब परिवार के अन्य सदस्य उनके पिता शिब का पोस्टमार्टम कराने के लिए अस्पताल में इंतजार कर रहे थे। बोलपुर कस्बे के पास बालू से लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से किसान शिब शंकर की मौत हो गई। घनश्याम ने कहा कि मेरे पिता हमेशा हमें शिक्षित देखना चाहते थे। इसलिए, हमने इस दिन भी अपनी पहली बोर्ड परीक्षा देने का फैसला किया।

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