माँ को छोड़ दिया था अर्पिता ने

राष्ट्रीय

अजय भट्टाचार्य
लगभग
छह साल पहले पार्थ चटर्जी के साथ एक रियल एस्टेट प्रमोटर की ओर से संपर्क में आने के बाद से अर्पिता की जिंदगी बदल गई। इसके तुरंत बाद उन्हें पार्थ चटर्जी के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में देखा गया और यहां तक कि एक दुर्गा पूजा उद्घाटन कार्यक्रम में भी देखा गया, जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं। इसके तुरंत बाद अर्पिता अपने डायमंड पार्क कॉम्प्लेक्स के पॉश आवास में रहने लगी।
अर्पिता मुखर्जी के स्वर्गीय पिता केंद्र सरकार के कर्मचारी थे, जिनका निधन उनकी रिटायरमेंट से पहले हो गया था। उस समय अर्पिता को अनुकंपा के आधार पर नौकरी की पेशकश भी की गई थी। हालांकि, उसने उस नौकरी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और दावा किया कि वह मॉडलिंग और अभिनय में अपना करियर बनाना चाहती है। यह पता चला है कि ओडिया फिल्मों में मॉडलिंग और अभिनय के अपने शुरुआती सालों के दौरान, वह अपनी मां के संपर्क में थी। अपनी वर्तमान स्थिति तक पहुंचने के लिए एक ओडिया अभिनेत्री के तौर पर शुरूआत करने वाली अर्पिता हमेशा शॉर्टकट तरीके अपनाती हैं। ज्यादा महत्वाकांक्षा के चलते अर्पिता ने अपनी विधवा मां मिनोती मुखर्जी को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में बेलघरिया में अपने पैतृक फ्लैट में ही छोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मिनोती मुखर्जी ने बताया कि जब से उनकी बेटी दक्षिण कोलकाता के पॉश डायमंड सिटी आवासीय परिसर में अपने फ्लैट में रहने लगी है, (जहां से नकदी और सोना जब्त किया गया था) तब से उनकी बेटी के साथ उनके संबंध बहुत खराब हो गए। मीडिया की खबरों से मुझे पता चला कि उसके फ्लैट से भारी नकदी बरामद हुई है। मैंने उससे पहले भी कई बार पूछा कि वह क्या काम कर रही है। लेकिन मुझे कभी कोई निश्चित जवाब नहीं मिला। अगर मुझे ऐसी बातें पता होतीं तो, मैं उसकी शादी जरूर करवा देती।
इस बीच एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले में मंत्री पार्थ चटर्जी व उनकी सहयोगी के बाद अब सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक मानिक भट्टाचार्य घेरे में हैं। उनसे ईडी की पूछताछ जारी है। उनसे एसएससी के शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर पूछताछ की जा रही है। इसी मामले में पहले पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इधर अर्पिता का कहना है कि वह निर्दोष है और उसे मुझे कानून पर भरोसा है। अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया वाले घर की तलाशी करने के लिये ईडी की एक टीम पहुंची हालांकि चाभी व डुप्लीकेट चाबी नहीं मिल पाने तक अब तक फ्लैट में प्रवेश नहीं कर पाई। अर्पिता मुखर्जी 12 मुखौटा कंपनियां चला रही थीं और वह ऐसा मुख्य रूप से ‘‘आर्थिक हेरफेर’’ के लिए कर रही थीं। मुखर्जी के जोका स्थित फ्लैट की तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज़ बरामद किए गए थे जो ‘‘ऐसी कंपनियों के होने का समर्थन’ करते हैं। दरअसल ईडी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्लयूबीएसएससी) की भर्ती में अनियमितता घोटाला पर एजेंसी की चल रही जांच के सिलसिले में अर्पिता मुखर्जी के घर से भारी मात्रा में नकदी, सोना और अन्य कीमती सामान बरामद क‍िया है। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों की ओर से अर्पिता की पृष्ठभूमि की जांच से पता चला है कि पश्चिम बंगाल के वाणिज्य और उद्योग मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी की विश्वासपात्र हैं और करीबी सहयोगी के रूप में काम कर रही हैं।

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