पंजाब में भाजपा खेमे का सिखों पर दांव

राजनीति लेख

अजय भट्टाचार्य
पंजाब
में भाजपा, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींढसा के शिरोमणि अकाली (संयुक्त) गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे का ऐलान हो गया है। समझौते के तहत भाजपा 65, अमरिंदर की पार्टी 37 और 15 सीटों पर ढींढसा की पार्टी मैदान में उतरेगी। सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा से एक दिन पहले ही कैप्टन की पार्टी 22 और भाजपा अपने 34 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। दोनों ही पार्टियों ने एक खास रणनीति के तहत चुनावी टिकट बांटे हैं। भाजपा ने 13 सिख व किसान समुदाय के और 9 अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को टिकट दी है।
पंजाब के लिए इस त्रिदलीय गठबंधन ने सिखों को लेकर विशेष चुनावी रणनीति बनाई है। गठबंधन के सभी सहयोगियों ने तय किया है कि कुल 117 सीटों में लगभग दो-तिहाई सीटों पर सिख चेहरों को उतारा जाए। भाजपा ने 33 से 35 सिख चेहरों को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है।

गठबंधन के अन्य साथी पंजाब लोक कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) को भी इसी रणनीति पर उम्मीदवार उतारने की भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने सलाह दी है। त्रिदलीय गठबंधन में शामिल तीनों की राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव विशेष अहम हैं। कैप्टन के साथ ही भाजपा के लिए भी पंजाब आगे का राजनीतिक भविष्य तय करेगा। पंजाब में हमेशा से ही चुनाव में सिख धुरी रहे हैं, इसलिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ मिलकर अन्य सहयोगियों ने सिखों को लेकर विशेष रणनीति बनाई है। इनमें से अधिकांश चेहरे किसान और अन्य पिछड़ा वर्ग के शामिल किए जाएंगे। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने कैप्टन और ढींडसा को भी अधिक से अधिक उम्मीदवार इसी फार्मूले पर उतारने की सलाह दी है। अमरिंदर सिंह की पार्टी ने भी एक दिन पहले 22 सीटों पर अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का ऐलान किया है। इस सूची में भारतीय हॉकी टीम के पूर्व खिलाड़ी अजीत पाल सिंह का नाम भी शामिल है। कैप्टन खुद पटियाला शहर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अमरिंदर ने सीटों पर नामों की घोषणा करते हुए कहा था, हमने अच्छे उम्मीदवारों को उनके जीतने की संभावनाओं के आधार पर मैदान में उतारा है। साथ ही विभिन्न समुदायों और धर्मों के प्रतिनिधित्व का भी ध्यान रखा है।

पंजाब लोक कांग्रेस को जो 37 सीटें मिली हैं, उसमें 26 सीटें मालवा क्षेत्र से आती हैं, जहां कैप्टन के परिवार का काफी प्रभाव माना जाता है। भले यह क्षेत्र पहले के पटियाला की शाही रियासत के तहत आता हो लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खुद कैप्टन के गढ़ पटियाला में हवा का रुख उनके पक्ष में नहीं दिख रहा है। कैप्टन की सूची में सिर्फ एक महिला प्रत्याशी फरजाना आलम खान का नाम शामिल है, जो अकाली दल की पूर्व विधायक हैं और पूर्व पुलिस प्रमुख इजहार आलम खान की पत्नी हैं। वे मालवा क्षेत्र की मालेरकोटला सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगी। अमरिंदर सिंह पहले ही साफ कर चुके हैं कि वो पटियाला शहर सीट से चुनाव लड़ेंगे, जो लंबे समय से उनका गढ़ रहा है। पंजाब में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, अकाली दल-बसपा और त्रिदलीय गठबंधन के अलावा किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल की पार्टी भी चुनावी समर में उतरी है जिससे चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। पंजाब में 20 फरवरी को सभी 117 सीटों पर वोट डाले जाएंगे और 10 मार्च को नतीजे आएंगे।
(लेखक देश के जाने माने पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं।)

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