धारा 370 पर भाजपा का झूठ

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5 और 6 अगस्त 2019 का दिन स्वतंत्र भारत के इतिहास मे मोदी सरकार द्वारा देश की जनता को एक और चाकलेट देने के लिए याद किया जायेगा। सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के मुख्य खंड (प्रथम खंड) को नहीं हटाया परन्तु देश की जनता को यह आभास कराया गया की अनुच्छेद 370 को पूर्णरूपेण हटा दिया गया है। जब की अनुच्छेद 370 का प्रथम खंड आज भी अस्तित्व में है।

सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के द्वितीय और तृतीय खंड को राष्ट्रपति के अध्यादेश द्वारा निरस्त करके मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 मे एक और संशोधन कर दिया है, अनुच्छेद 370 को पूर्णरूपेण हटाया नहीं है ।

असलियत यह है की 1954 से आज तक कॉग्रेस बिना जम्मू कश्मीर की जनता का दिल दुखाए 1954 के सशोधन, 1958 के संशोधन, 1959 के संशोधन, 1960 के संशोधन, 1964, 1965, 1966, 1968, 1971, 1986 आदि के संशोधनों द्वारा भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 को धीरे धीरे निसप्रभावी कर दिया था ।

अब जब जम्मू- कश्मीर मे धारा 370 के प्रथम खंड को छोड़ कर बाकी दो खंड और 35-ए समाप्त।
इससे जम्मू- कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा समाप्त कर लद्दाख और जम्मू- कश्मीर दो अलग-अलग केंद्र शासित राज्य बनाये गये। कहा गया कि सारे भारतीय जम्मू-कश्मीर मे ज़मीन जायदाद खरीद सकेंगे।
तब सबने इस निर्णय का स्वागत किया मगर …

1- क्या इससे जम्मू -कश्मीर मे आतंकवाद खत्म हुआ?
2- क्या इससे कश्मीर मे पाकिस्तान से आने वाले आतंकवादियों का आना बंद हुआ ?
3- क्या भारत सरकार कश्मीर के साथ-साथ हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के 8 राज्यो (कुल 10 राज्य) मे भी सारे भारतीयों को ज़मीन खरीदने की इजाजत दे देगी ?

4- नयी जम्मू -कश्मीर विधान सभा मे पाक अधिकृत कश्मीर के क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कैसे होगा क्या यह सरकार बताएगी ?

अमित शाह जी का कहना है कि Artical 35-A की वजह से दूसरे राज्यों के लोग कश्मीर में ज़मीन नहीं ख़रीद सकते थे जिसकी वजह से जम्मू कश्मीर का आर्थिक विकास नहीं हो रहा था , वहाँ उद्योग नहीं लग रहे थे, वहाँ शिक्षा संस्थान नहीं लग रहे थे, वहाँ के लोगों को नौकरियां नहीं मिल रही थी आदि आदि।
अब पिछले 3 साल में कश्मीर में कितने उद्योग लगे?
कितनी नौकरी लगी?

आर्टिकल 370 & 35A जम्मू-कश्मीर के लिए है ऐसा ही-
371A नागालैंड
371B असम
371C मणिपुर
371D आंद्रा
371E सिक्किम
371G मिजोरम
371H अरूणाचल
371I गोवा
आदि के लिये है।
बाहरी लोग हिमाचल और उत्तराखंड मे भी जमीन नही खरीद सकते।
केंद्र सरकार इन 10 राज्यों का भी क़ानून बदलकर इन राज्यों के विकास में अपना योगदान करे। क्या मोदी सरकार यह नहीं चाहती कि इन राज्यों का भी विकास हो, यहाँ भी उद्योग लगें, यहाँ के लोगों को भी नौकरियां मिले?

  • ओमप्रकाश पांडे “नमन”

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