आक्रामक राष्ट्रवाद देश की आर्थिक प्रगति में बाधक

विजय शंकर सिंहभारत की अर्थव्यवस्था और शिक्षा की भूमिका पर दिए अपने व्याख्यान में, अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने भारत की तुलना अर्जेंटीना से करते हुए कहा कि, “1862 के बाद अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था में तगड़ी वृद्धि दर देखने को मिली थी। 1920 के दशक में अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था काफ़ी मज़बूत हो गई थी और तब […]

Continue Reading

लीक तोड़ती खातून…!

अजय भट्टाचार्यपलामू (झारखंड) की रिजवाना खातून की पहल ने मुस्लिम समाज की लड़कियों के लिए रास्ता खोल दिया है कि अपना जीवनसाथी चुनने का उन्हें पूरा अधिकार है। सामान्यत: घर के बड़े-बूढ़े मिलकर घर की लडकियों का रिश्ता अपनी पसंद से तय कर देते हैं। रिजवाना ने इस लीक को तोडा है इसलिये उसका उत्साहवर्धन […]

Continue Reading

President Election: हारी बाजी नहीं लड़ेंगे पवार

अजय भट्टाचार्यराष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का उत्तराधिकारी चुनने के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष की अपने-अपने स्तर पर कोशिशें तेज हो गई हैं। भाजपा नीत राजग राष्ट्रपति चुनाव आराम से जीतने की स्थिति में है, क्योंकि कुल मतों का लगभग 50 फीसदी हिस्सा उसके पास है। इस बीच विपक्ष को एकजुट करने में जुटीं पश्चिम बंगाल की […]

Continue Reading

दिल्ली व हरियाणा पुलिस पर सवाल!

अजय भट्टाचार्यक्या तेजिंदर सिंह बग्गा को गिरफ्तार करने में पंजाब पुलिस से कोई चूक हुई? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि दिल्ली पुलिस की टिप पर हरियाणा पुलिस ने कुरुक्षेत्र में बग्गा को पंजाब पुलिस की गिरफ्त से आजाद कराया और दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। अब बग्गा की गिरफ्तारी के लिए पंजाब की […]

Continue Reading

ममता की तीसरी पारी का एक साल

अजय भट्टाचार्यएक साल पहले 2 मई को बंगाल की राजनीति में इतिहास बना था। सत्ता के खेल की शुरुआत हुई थी, तस्वीर जो दिखायी गयी थी हकीकत उससे कहीं ज्यादा अलग निकली। कयास लगाये गये थे, कसीदे गढ़े गये थे, सब व्यर्थ निकला क्योंकि चुनाव जनता को करना था और उसने जीत के लिए बंगाल […]

Continue Reading

पुलिस राज कि ओर बढ़ता तंत्र

अजय भट्टाचार्यसत्ता जब खुद को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस को असीमित अधिकार देती है तब कानून की आड़ में पुलिस राज स्थापित होना लाजिमी है। गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी मामले में असम की बारपेटा अदालत की टिप्पणी से भाजपा या भाजपा शासित राज्यों की पुलिस पर कोई फर्क पड़ा हो, ऐसा नहीं […]

Continue Reading

औरंगाबाद में कठपुतली नाद

अजय भट्टाचार्यपरसों औरंगाबाद में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे की लाउडस्पीकर सभा को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि उनके इस बदले हुए तेवर के निहितार्थ क्या हैं? पिछले विधानसभा और मनपा चुनाव में लगभग सिमट चुकी पार्टी में नई जान फूंकने के लिए ही क्या यह लाउड स्पीकर ब्रांड राजनीति उनके […]

Continue Reading

केंद्रीय फैसले के खिलाफ भाजपा में उठने लगी आवाज

अजय भट्टाचार्यभाजपा के बाहुबली सांसद अर्जुन सिंह ने कच्चे जूट की वाजिब मूल्य सीमा (6500 रुपये प्रति क्विंटल) रद्द करने को लेकर केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल को कड़ा पत्र लिखा था जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गयी है। उन्होंने कहा है कि बंगाल के जूट उत्पादक किसान संकट के दौर […]

Continue Reading

पटियाला का संदेश समझे शिवसेना !

अजय भट्टाचार्यजिस वक्त आप यह लेख पढ़ रहे होंगे तब तक संभवतः पटियाला में कर्फ्यू खत्म हो चुका होगा। करीब एक पखवाड़ा पहले प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के लोगों ने हरियाणा के सभी जिला पुलिस मुख्यालयों पर खालिस्तान स्थापना दिवस मनाने की घोषणा की थी। अब यह विचित्र है कि हरियाणा में तो कुछ […]

Continue Reading

तेजप्रताप को राबड़ी का सहारा

अजय भट्टाचार्यराबड़ीदेवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पर तेजस्वी यादव द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी के साइड इफेक्ट रोज सामने आ रहे हैं। लालू प्रसाद के बड़े लाल की वजह से इफ्तार पार्टी में आरजेडी नेता रामराज यादव की कथित पिटाई की आरोप लगने के बाद तेज प्रताप यादव सुर्खियों में बने हुए हैं। पिटाई […]

Continue Reading