गोबर और गोमूत्र बेचकर मालामाल हो रहे छत्तीसगढ़ के किसान, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया 4.41 करोड़ का भुगतान

समाचार

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार की ‘गोधन न्याय योजना’ योजना किसानों के बीच खूब सराही जा रही है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य आवारा पशुओं से नुकसान को रोकने के अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं खोज सके, वहीं छत्तीसगढ़ के किसान 5 रुपए किलो गोबर व 4 रुपए लीटर गोमूत्र बेचकर लाभान्वित हो रहे हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से 1 से 15 दिसंबर तक गौठानों में क्रय किए गए 2.2 क्विंटल गोबर के एवज में विभिन्न हितग्राहियों के खाते में 4.41 करोड़ रूपए की राशि ऑनलाइन अंतरित की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर बताया कि, गोधन न्याय योजना किसान, गौ पालक और मजदूर के लिए एक अतिरिक्त आय का जरिया बन चुका है। इसके माध्यम से वो अपने छोटे-छोटे सपने पूरे कर रहे हैं। अब तक करीब 380 करोड़ 87 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

क्या है “गोधन न्याय योजना”?

छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना की शुरूआत 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से हुई थी। इस योजना के तहत मार्च 2021 यानी 9 माह में 45.81 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हुई, जिसका उपयोग वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए क्रमिक रूप से किया गया। वर्ष 2021-22 में 21.28 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी राज्य में हुई। योजना केे सत्त अनुश्रवण एवं विधिवत पोर्टल निर्माण एवं इंद्राज से पंजीकृत गोबर विक्रेताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्ष 2020-21 में पंजीकृत विक्रेताओं की संख्या 2,45,831 से बढ़कर वर्ष 2021-22 में 3,12,647 हुई तथा गोबर विक्रेताओं को सीधे लाभ पहुंचा है।

सत्त अनुश्रवण एवं गोबर विक्रेताओं की निगरानी से गोठानों में गोबर विक्रेताओं की संख्या वर्ष 2022-23 में बढ़कर 2,93,496 हो चुकी है एवं सत्त गोबर की खरीदी हो रही है। चालू वर्ष में प्रथम छह माह में 21.81 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हो चुकी है जिसकी मात्रा वर्षान्त तक दोगुना होने की उम्मीद है।
अभी राज्य के 78 गौठानों में 4 रूपए लीटर की दर से गोमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में अब तक 70 हजार 889 लीटर क्रय किए गए गौमूत्र से 24,547 लीटर कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और 16,722 लीटर जीवामृत तैयार किया गया है, जिसमें से 34,085 लीटर ब्रम्हास्त्र और जीवमृत की बिक्री से 14.75 लाख रूपए की आय हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.