आज़ादी के बाद पहली बार भारत बड़े सपने पूरा करने का साहस कर रहा: नरेंद्र मोदी

मुंबई समाचार

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
मुंबई।
आज़ादी के बाद पहली बार आज भारत बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस कर रहा है, वरना हमारे यहां तो पिछली सदी का एक लंबा कालखंड सिर्फ गरीबी की चर्चा करना, दुनिया से मदद मांगना, जैसे-तैसे गुजारा करने में ही बीत गया। यह कहना है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का। श्री मोदी गुरुवार की शाम मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आगे कहा, ये भी आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब दुनिया को भी भारत के बड़े-बड़े संकल्पों पर भरोसा है। प्रधानमंत्री ने कहा, आज मुंबई के विकास से जुड़े 40 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास आज यहां हुआ है। ये सब मुंबई शहर को बेहतर बनाए वाले सिद्ध होने वाले हैं।
उन्होंने कहा, मैं सभी लाभार्थियों और मुंबई के निवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। हमारे यहां तो पिछली सदी का एक लंबा कालखंड सिर्फ और सिर्फ गरीबी की चर्चा करने और दुनिया से मदद मांगने… जैसे तैसे गुजरा करने में ही बीत गया। आज दुनिया को भी भारत के बड़े-बड़े संकल्पों पर भरोसा है।
भारत को लेकर दुनिया में इतनी सकारात्मकता इसलिए है क्योंकि आज सभी को लगता है कि भारत अपने सामर्थ्य का बहुत ही उत्तम तरीके से सदुपयोग कर रहा है। आज भारत अभूतपूर्व आत्मविश्वास से भरा हुआ है।
नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, मुंबई के लिए बेहद जरूरी मेट्रो हो, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के आधुनिकीकरण का काम हो, सड़कों में सुधार का बहुत बड़ा प्रोजेक्ट हो और बाला साहेब ठाकरे जी के नाम से आपला दवाखाने की शुरुआत हो, ये मुबंई शहर को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत को लेकर दुनिया में इतनी सकारात्मकता इसलिए है क्योंकि आज सभी को लगता है कि भारत अपने सामर्थ्य का बहुत ही उत्तम तरीके से सदुपयोग कर रहा है। आज भारत अभूतपूर्व आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आज हर किसी को लगता है कि भारत तेजी से विकास और समृद्धि के लिए कुछ जरूरी काम कर रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणा से ‘स्वराज’ और ‘सुराज’ की भावना आज के हिंदुस्तान में डबल इंजन सरकार में झलकती है।
प्रधानमंत्री बोले, विकसित भारत के निर्माण में हमारे शहरों की भूमिका सबसे अहम है। वर्ष 2014 तक मुंबई में केवल 10-11 किलोमीटर तक मेट्रो चलती थी लेकिन हमारी डबल इंजन की सरकार ने मेट्रो के काम को अभूतपूर्व गति दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.