Ganesh chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर आप भी घर ला रहे हैं विघ्नहर्ता, तो जान लें स्थापना की सही दिशा, वरना हो जायेगा अनर्थ

मुंबई

Ganesh chaturthi sthapana: आज बुधवार 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी है। आज से ही गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है। खासकर महाराष्ट्र में घर- घर में गणपति की स्थापन की जाती है। धर्म शास्त्रों में गणपति बप्पा के प्रत्येक रूप का अलग अलग वर्णन है। धन, सुख-समृद्धि, बुद्धि आदि के लिए लोग श्री गणेश की मूर्तियां स्थापित करते हैं।

गणेश स्थापना की सही दिशा: गणेश जी की सही स्थापना होने से जहां घर में सुख समृद्धि की वर्षा होती है, वहीं अगर इनकी गलत दिशा में स्थापना हो जाय तो बड़ी हानि भी हो जाती है। इस नाते स्थापना को लेकर अपने पुरोहित अथवा बड़े बुजुर्ग अनुभवी से जरूर पूछ लें।
आइए अब हम बताते हैं कि, गणपति बप्पा की स्थापना किस दिशा में करें। गौरी पुत्र गणेश प्रतिमा की स्थापना उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में शुभ मानी गई। ध्यान रहे दक्षिण दिशा में श्री गणेश की स्थापना भूलकर भी न करें। ये अशुभ होने के साथ नुकसान भी कर देता है।
शास्त्रों के अनुशार बप्पा के पीठ के दर्शन वर्जित हैं। इसलिए इस बार का भी ध्यान रखें कि, स्थापना के बाद बप्पा की पीठ के दर्शन नहीं हों। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री गणेश के पीठ नहीं देखना चाहिए। इससे घर में दरिद्रता का वास होता है। ऐसा करने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है।
इसके साथ ही गणपति की ऐसी मूर्ति की स्थापना करना बहुत लाभकारी होता है, जो बैठी हुई मुद्रा में हो। वास्तु के अनुसार बैठे हुए गणपति घर में स्थापित करने से सुख-शांति और समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है।
गणेश चतुर्थी पर स्थापना और पूजन में तुलसी का उपयोग नहीं करें। गणेश चतुर्थी पर चंद्रदर्शन की भी मनाही है। जहां गणपति की स्थापन करें ध्यान रहे वहां अंधेरा न हो। जब तक घर में बप्पा विराजमान हैं तब तक उनके सामने एक तेल अथवा घी का दिया जरूर जलाएं। श्री गणेश आगमन के बाद सात्विक भोजन करें साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करें।

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