garba festival : गैरहिंदुओं को गरबा में प्रवेश नहीं दें, आधार कार्ड चेक करो- विश्व हिंदू परिषद

मुंबई

मुंबई। मुंबई सहित देश भर में सोमवार से नवरात्रि पर्व शुरू हो गया है। इस उत्सव के दौरान हर रात गरबा खेलने की भी परंपरा है। राज्य भर में कई जगहों पर रात भर गरबा खेला जाता है। गरबा खेलने के लिए बड़ी संख्या में युवक-युवतियां शामिल होते हैं। विभिन्न नवरात्रि उत्सव मंडलों द्वारा बड़े पैमाने पर गरबा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विश्व हिंदू परिषद ने “गरबा खेलने के लिए आने वालों के आधार कार्ड की जांच और गैर-हिंदुओं को गरबा स्थल में प्रवेश नहीं देने की अपील की है।
इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद विदर्भ प्रांत के प्रमुख गोविंद शेंडे ने एबीपी माझा से बात करते हुए कहा कि ”हर साल देश भर में बड़े पैमाने पर गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसमें लड़कियों और महिलाओं समेत तमाम लोग शामिल होते हैं।
गरबा का अर्थ है कि हम देवी को प्रसन्न करने के लिए नृत्य करते हैं। इसका मतलब है कि मुझे उस देवी में आस्था है। हम उन्हे खुश करने के लिए यह गरबा नृत्य करते हैं, उसके सामने आत्मसमर्पण करते हैं और उसका आशीर्वाद लेते हैं। लेकिन यह कौन कर सकता है? जो देवी में आस्था रखता है वही ऐसा कर सकता है। लेकिन जिसे इस देवी में आस्था नहीं है, जो देवी को नहीं मानता, जो मूर्तियों की पूजा नहीं करता है। उसे इस जगह पर क्यों आना चाहिए?”
इसके साथ ही, “कई जगहों पर ऐसा देखा गया है कि कई गैर-हिंदू बच्चे उस जगह पर आते हैं और फिर हमें समाज में इसके परिणाम देखने पड़ते हैं। लव जिहाद की घटनाएं होती रहती हैं। जो माता-पिता के लिए मुश्किल स्थिति पैदा करते हैं। समाज में दरार पैदा हो जाती है। इन सब चीजों को रोकने के लिए हम मांग करते हैं कि गैर-हिंदुओं को वहां प्रवेश न करने दिया जाए। बहुत से लोग इस जगह पर नाम बदलकर आते हैं और लड़कियों को धोखा देते हैं। पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आयोजकों को इस पर ध्यान देना चाहिए। गरबा स्थल पर आधार कार्ड की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाना चाहिए।

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