Gulam Nabi Azad: आजाद अब किसके गुलाम?

राजनीति समाचार

विजय यादव
कांग्रेस
से आजाद हुए गुलाम नबी आजाद जल्द ही नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। इनका नया दल जम्मू कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ सकता है।
राजनीतिक सूत्रों की माने तो गुलाम नबी आजाद राहुल गांधी से दुखी और पीड़ित नहीं थे, बल्कि जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने का उनका सपना ही इस पुराने रिश्ते को तोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। इस बात का संकेत जम्मू कश्मीर के पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमीन भट्ट ने भी दे दिया है। अमीन भट्ट ने शनिवार की सुबह गुलाम नबी आजाद से मुलाकात किया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की।
जम्मू कश्मीर में कई क्षेत्रीय राजनीतिक दल हैं। जिनमे प्रमुख रूप से फारुख अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस, अब्दुल्ला सज्जाद लोन की अध्यक्षता वाली पीपुल्स कॉन्फ्रेंस व मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिका सईद की पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) शामिल है। इन सभी दलों का अलग अलग क्षेत्रों में अपना प्रभाव है।
भारतीय जनता पार्टी जम्मू का अलावा कही अन्य कोई खासा प्रभाव नहीं है। खासकर घाटी के इलाकों में भाजपा को एक मजबूत कंधे की तलाश रहती है, अब तक जिसकी पूर्ति पीडीपी करती रही। इस बार भाजपा वहां नया समीकरण बनाने की तैयारी में है, जिसकी स्क्रिप्ट पिछले साल गुलाम नबी आजाद की राज्यसभा से विदाई के समय ही शुरू हो गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजाद की खूब तारीफ किए। राजनीति के जानकारों को तभी इस बात का अंदेशा हो गया था कि, गुलाम कभी भी कांग्रेस से आजाद हो सकते हैं। क्योंकि जो भाजपा अपने विरोधियों की कभी प्रशंसा नहीं करती वह तारीफ के कसीदे पढ़ रही थी। अब देखना होगा कि, आजाद भाजपा की नौका के एक अच्छे पतवार बन पाते हैं या नहीं।

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