अगले 20 दिनों में कांग्रेस को मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष, जाने किसके हाथ होगी कमान?

समाचार

विजय यादव
कांग्रेस
को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के अनुशार इसके लिए फार्मूला तय कर लिया गया है। भाजपा बार – बार कांग्रेस को परिवारवाद के शब्दों से घेरती रहती है। विरोधियों को तगड़ा जवाब देने के लिए कांग्रेस ने अब पूरी तैयारी कर ली है।
नए अध्यक्ष को कांग्रेस हाई कमान पिछले लंबे समय से मंथन कर रही है। पार्टी के धड़ा चाहता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान राहुल गांधी को सौंपी जाए लेकिन राहुल गांधी तैयाई नही है। इनके इंकार के बाद पार्टी गांधी परिवार से बाहर किसी को अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही थी। यहां भी बात नही बनी। पार्टी के तमाम राष्ट्रीय नेता चाहते हैं कि ऐसे में आगे भी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सोनिया गांधी निभाएं। सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही हैं। 2023 में गुजरात, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व कर्नाटक में विधानसभा चुनाव है। इसके बाद 2024 में कई विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा इलेक्शन में भाजपा के कड़े मुकाबले की चुनौती स्वीकार करनी है। इस स्थिति में सोनिया गांधी से बहुत ज्यादा भागदौड़ की उम्मीद नही की जा सकती।
उक्त तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के आला नेताओं ने तय किया है कि, राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ही रहेंगी, लेकिन इनके नीचे दो कार्याध्यक्ष या उपाध्यक्ष बनाए जायेंगे जो संगठन हित में कोई भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। इन दो कार्याध्यक्षों में एक दक्षिण और एक उत्तर भारत से होगा। दक्षिण और उत्तर से फिलहाल दो – दो नाम सामने आए हैं। पार्टी इन चारो नामों पर मंथन कर रही है। दक्षिण भारत से मल्लिकार्जुन खड़गे और रमेश चेनिथला का नाम सबसे आगे है। खड़गे कर्नाटक से आते हैं और वर्तमान में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। इन्हे गांधी परिवार का सबसे करीबी नेता माना जाता है। यह मुंबई के प्रभारी भी रहे हैं, लेकिन मुंबई में कोई चमत्कार नहीं दिखा सके। इसी तरह गांधी परिवार के दूसरे करीबी रमेश चेनिथला हैं, जो केरल राज्य से हैं। केरल के पूर्व नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। इसके उत्तर भारत से जो नाम सामने आए हैं वह एक ही रही हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और युवा चेहरा सचिन पायलट में से किसी एक को कार्याध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि सचिन पायलट राजस्थान की राजनीति छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में संभव है कि यह जिम्मेदारी अशोक गहलोत के कंधे पर डाली जाए। अगर ऐसा हुआ तो अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का भी पार्टी भीतर से दबाव बन सकता है। अशोक गहलोत को पार्टी में काफी अनुभवी और समझदार नेता के रूप में पहचाना जाता है।
इस बीच राहुल गांधी 7 सितंबर से भारत जोड़ो यात्रा शुरू कर रहे हैं। यह यात्रा कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर में खत्म होगी। आगामी 6 महीने तक चलने वाली यह भारत जोड़ो कांग्रेस के उदयपुर संकल्प शिविर 2 अक्टूबर से निकालने की तैयारी थी, लेकिन 2 अक्टूबर को नवरात्र की सप्तमी पड़ रही है। इसे देखते हुए यात्रा की तारीख पहले ही 7 सितंबर तय कर दी गई। भारत जोड़ो यात्रा 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी। इसकी कुल दूरी 3,500 किलोमीटर होगी।
ज्ञात हो कि, 80 साल पहले महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था। जिसके 5 साल बाद देश को आजादी मिली थी। उसी की तर्ज पर कांग्रेस कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाल रही है। जिसका नेतृत्व राहुल गांधी करेंगे।

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