Indian post: भारतीय डाक विभाग का अनोखा कारनामा, जिंदा व्यक्ति मृत बताया

समाचार

विजय यादव
मुंबई।
भारतीय डाक विभाग के बारे में आपने सुना होगा कि, कहीं की चिट्ठी कहीं पहुंच गई… किसी का लेटर किसी को मिल गया… जवानी का संदेश बुढ़ापे में पहुंचा, लेकिन इन सबसे अलग भारतीय डाक ने एक नया कारनामा किया है, वह भी तब, जब Indian post office लगातार आधुनिक होता जा रहा हो। डाक विभाग ने एक जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर उसके लिए मुंबई से भेजा गया speed post वापस प्रेषक को लौटा दिया। जिस व्यक्ति के लिए डाक भेजी गई थी, वे कोलकाता के लेक गार्डेन में रहते हैं।
कोलकाता के लेक गार्डेन पोस्ट ऑफिस ने बिना डिलीवर के लौटाई गई डाक के कवर पर कारण “Deceased” लिखा है अर्थात प्राप्त करने वाले की मृत्यु हो गई है, जबकि वह व्यक्ति अभी जिंदा है। यह देख और सुनकर डाक भेजने वाले और प्राप्त करने वाले दोनो आश्चर्य में पड़ गए हैं।

प्रेषित डाक का कवर पृष्ठ


दरअसल मुंबई से एक धार्मिक पत्रिका “भजन कीर्तन” का प्रकाशन होता है। पत्रिका के देश भर में सम्मानित सदस्य हैं, जिन्हे हर माह भारतीय डाक व कुरियर के माध्यम से पत्रिका पहुंचाई जाती है। भजन कीर्तन खासकर राजस्थानी समाज के लोगों में सबसे ज्यादा पढ़ी जाती है। मारवाड़ी समाज देश में जहां भी रहता है, वहां पत्रिका मंगाता है।

प्रेषित डाक का पृष्ठ भाग, जिसपर लेक गार्डेन पोस्ट ऑफिस द्वारा लिखा गया “Deceased”


भजन कीर्तन के संपादक अजय भट्टाचार्य ने बताया कि, हमने तमाम सम्मानित सदस्यों के साथ मुंबई के बोरीवली पोस्ट ऑफिस से 17 नवंबर 2022 को कोलकाता के सुनील गोयनका को स्पीड पोस्ट से पत्रिका का नवंबर अंक भेजा था, जिसके लिए डाक विभाग को हमने 70 रुपए का भुगतान भी किया था। यह पत्रिका को कोलकाता के लेक गार्डेन पोस्ट ऑफिस द्वारा सुनील गोयनका को डिलीवर नही की गई। इसके बाद 25 नवंबर को गोरेगांव स्थित भजन कीर्तन कार्यालय में यह बताकर लौटा दिया गया कि, प्राप्त करने वाले व्यक्ति का निधन हो गया है। जबकि इसी पते पर सुनील गोयनका को अगस्त और सितंबर में डाक वितरित की गई। डाक वापस लौटने आए पोस्टमैन के सामने ही हमने फोन पर श्री सुनील गोयनका जी से बात की। पहली बार वापस आए लिफाफे पर “Deceased” लिखा देख मैं खुद घबरा गया। लेकिन उनसे बात होने के बाद समझ में आया कि, कोलकाता के लेक गार्डेन पोस्ट ऑफिस ने यह कारनामा जानबूझकर किया है।

प्रेषक को मुंबई के बोरीवली पोस्ट ऑफिस द्वारा दी गई रसीद की प्रति।

डाक विभाग सिर्फ अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य के साथ ही लापरवाही नहीं बरती है, बल्कि एक संभ्रांत परिवार के जीवित व्यक्ति को मृत बताकर उसके परिवार और शुभचिंतकों को भावनात्मक ठेस पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि, मैं भारतीय डाक विभाग के इस कृत्य से बेहद आहत हूं और इस मामले को उपभोक्ता अदालत में ले जा रहा हूं।

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