भ्रष्टाचार की शिकायत करना भारी पड़ा, अब शिकायतकर्ता के घर पर चलेगा मनपा का हथौड़ा

मुंबई

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
मुंबई।
मनपा से जुड़े भ्रष्टाचार पर बार–बार शिकायत करने वाले को अब भारी पड़ने वाला है। संभव है कि, आगे से कोई सामाजिक संगठन व समाजसेवी मनपा के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नही करेगा।
भ्रष्टाचार विरोधी मंच के अध्यक्ष जे बी सिंह ने बताया है कि मुंबई महानगर पालिका पी/उत्तर के अधिकारी बदले की भावना से हमारे 30 साल पुराने घर को तोड़ना चाहती है। उन्होंने बताया कि बदले की भावना से 30 साल पुराने रूम को तोड़ने के लिए पी- उत्तर विभाग सहायक मनपा आयुक्त दगड़खैर ने बीजेपी पदाधिकारी अंकित सिंह को नोटिस दिया है।
भ्रष्टाचार विरोधी मंच के अध्यक्ष का कहना है कि, शिवसेना के स्थानीय नेताओं के सह पर पी-उत्तर विभाग के मनपा सहायक आयुक्त मकरंद दगड़खैर ने बीजेपी के एक युवा पदाधिकारी अंकित सिंह के 30 साल पुराने घर को तोड़ने का नोटिस दिया है। यह नोटिस आनन-फानन में 11 मई 2022 को वार्ड क्रमांक 42 के कनिष्ठ अभियंता सुयोग गायकवाड़ व मुकादम राजन मोरे ने दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक मालाड पूर्व स्थिति पिपरीपाढ़ा और हनुमान नगर लोक सेवा समिति- जैसवार नगर स्थिति बीजेपी के एक युवा पदाधिकारी अंकित सिंह के 30 साल पुराने दो रूम को तोड़ने का नोटिस शिवसेना के कुछ नेताओं के कहने पर दिया गया है।
गौरतलब है कि अंकित सिंह के पिता भी बीजेपी के 40 साल पुराने वरिष्ठ कार्यकर्ता के साथ-साथ स्वतंत्र पत्रकार व भ्रष्टाचार विरोधी मंच(अखिल भारतीय) मुंबई के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।
जे बी सिंह के अनुसार वार्ड क्रमांक 42 में पिछले दो महीने के अंदर दगड़खैर और कनिष्ठ अभियंता गायकवाड़ के संरक्षण में सैकड़ों बड़े अवैध निर्माण किये गये हैं जिसकी ढेर सारी शिकायतें भी हुई हैं लेकिन एक को भी 354 का नोटिस नहीं दिया गया।
क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक हर हफ्ते वार्ड क्रमांक 42 में अवैध निर्माण होते रहता है पर शिकायत के बावजूद भी दगड़खैर कोई कार्रवाई नहीं करता है जिससे यहाँ के अवैध ठेकेदारों का हौसला बुलंद है।
ज्ञातव्य है कि भ्रष्टाचार विरोधी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.बी.सिंह पर हो रहे इस अत्याचार की लिखित शिकायत बीजेपी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों, सांसद, विधायक, नगरसेवक व पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को दे दी गयी है।
बताया जाता है कि इसके पीछे मुख्य कारण कोविड के दौरान मनपा पी -उत्तर विभाग में हुए बड़े-बड़े हजारों अवैध निर्माण से है जिसकी लिखित शिकायत जे.बी.सिंह ने मनपा व मंत्रालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ माननीय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी दिया था जिससे मनपा के अधिकारियों में खलबली मच गयी थी।
पिछले तीन महीनों से वार्ड क्रमांक 40 व 41 में हो रहे बड़े अवैध निर्माण की शिकायत करने की वजह से शिवसेना व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कई नेता काफी नाराज चल रहे हैं जिसकी वजह से स्थानीय पुलिस व बीएमसी आफिसर नये-नये हथकंडे अपनाकर परेशान कर रही है।
जे.बी.सिंह ने बताया कि मनपा के भ्रष्ट अधिकारी व स्थानीय शिवसेना नेता कुछ भी कर लें पर अत्याचार/भ्रष्टाचार व जुल्म के खिलाफ उनकी कलम चलती रहेगी।
जे.बी.सिंह ने आगे बताया कि कथित भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जल्द ही माननीय उच्च न्यायालय में कोविड के दौरान हुए बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण के खिलाफ एक पीआईएल भी दाखिल करेंगे जिसमें खुद को सिंहम समझने वाला भ्रष्ट मनपा सहायक आयुक्त मकरंद दगड़खैर की संदिग्ध भुमिका व गैरकानूनी ढंग से बनाये गये अकूत संपत्तियों व महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के एक भ्रष्ट अधिकारी को बड़ी रकम देकर परीक्षा पास किये जाने की सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
गौरतलब है कि मनपा आफिसियल रिकॉर्ड के मुताबिक पूरे मुंबई में करीब 84000 हजार अवैध निर्माण हुए हैं पर एक पर भी मनपा अधिकारियों ने एक्शन नही लिया है।
सरकार द्वारा प्रोटेक्टेड इस 30 साल पुराने रूम को तोड़ने के लिए बीएमसी द्वारा दी गयी यह नोटिस पूर्णतया बदला लेने की भावना से प्रेरित है।
स्थानीय शिवसेना नेताओं के दबाव में पी-उत्तर विभाग के भ्रष्ट मनपा आयुक्त मकरंद दगड़खैर उर्फ महेश पाटिल ने सरकार के सारे नियम कानून को ताक पर रखकर बदले की भावना से बीजेपी कार्यकर्ता अंकित सिंह का 30 साल पुराने रूम को तोड़ने का नोटिस देना यह दरसाता है कि एक-एक करके ये शिवसेना सरकार सबको परेशान करने का मन बना लिया है।
बीजेपी पदाधिकारी अंकित सिंह ने इस घोर अन्याय व गैरकानूनी प्रक्रिया के खिलाफ मुंबई के सभी बीजेपी आमदार, खासदार, नगरसेवक व उच्च पदाधिकारियों को लिखित शिकायत देकर मामले में दखल देने का निवेदन किया है।
कथित मामला संज्ञान में आने के बाद क्षेत्रीय तेजतर्रार नगरसेवक एवं बीजेपी लीडर विनोद मिश्रा ने सहायक अभियंता सागर राणे को फोन करके तुरन्त गैरकानूनी एक्टीविटीज पर रोक लगाने की मांग की है।
गौरतलब है कि मुंबई में सरकार द्वारा घोषित किसी भी गलिच्छ बस्ती में महानगर पालिका को किसी भी वैध या अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केवल उप जिलाधिकारी व सक्षम अधिकारी अतिक्रमण निर्मूलन विभाग को दिया गया है। इसके बावजूद भी कथित मनपा सहायक आयुक्त दगड़खैर गुंडागर्दी के बल पर बीजेपी कार्यकर्ता का रूम तोड़ना चाहता है।
गौरतलब है कि अंकित सिंह के पिता जे.बी.सिंह ने 2021 में कोविड के दौरान मनपा पी-उत्तर विभाग मालाड में हुए बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाई थी जिसकी वजह से क्षेत्रीय शिवसेना व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं की जल गयी थी। उसी का बदला लेने के लिए मनपा व पोलिस विभाग के अधिकारियों के जरिये परेशान करने का खाका तैयार किया गया जिसकी सूचना दो महीने पहले ही भ्रष्टाचार विरोधी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.बी.सिंह ने लिखित शिकायत देकर पोलिस आयुक्त संजय पांडे को अवगत कराया था।

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