इटालियन बार और तार-तार शर्म

फीचर राष्ट्रीय

अजय भट्टाचार्य
क्रिया
-प्रतिक्रिया, ध्वनि-प्रतिध्वनि, अंधकार-प्रकाश, अनुकूल-प्रतिकूल आदि प्रकृति के गुण कहे जाते हैं। गोवा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की दूसरे पति से बेटी जोइश ईरानी के साऊथ ईस्ट एशियन एंड इटैलियन रेस्टोरेंट एंड बार को लेकर विवाद खड़ा हुआ है जिस पर स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के कुछ नेताओं को मानहानि के नोटिस भी भेजे हैं।

फ़िलहाल जो जानकारी है उसके अनुसार स्मृति ईरानी की बेटी गोवा में रेस्टोरेंट की आड़ में जो बार चला रही थी उसका लाइसेंस तक फर्जी था। मर चुके व्यक्ति के नाम से बार के लाइसेंस का नवीनीकरण कराया गया था।
इसके अलावा भी बार लाइसेंस में तमाम धोखाधड़ी पाई गई है। इससे पहले मध्यप्रदेश में भी 2017 में भू-माफियाओं की मदद से कागजातों में फर्जीवाड़ा कर स्मृति ईरानी के पति जुबिन ईरानी की फर्म मरकज हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे दो गाँव कुचवाही और बिझरिया में तकरीबन 13 एकड़ जमीन खरीदी थी। जब केंद्रीय मंत्री के लोग जमीन की घेराबंदी कराने आए तो हेडमास्टर जानकी तिवारी ने स्कूल की जमीन निकालकर घेराबंदी करने को कहा। लेकिन उनलोगों ने उनकी नहीं सुनी। स्कूल के हेडमास्टर का दावा था/है कि सरकारी विभाग से उस जमीन को स्कूल के नाम रजिस्ट्री करने के लिए पत्राचार चल रहा था, तभी इस बीच उसे भूमाफिया ने फर्जीवाड़ा कर हाई प्रोफाइल लोगों को बेच दिया। जब मामला मीडिया में पहुंचा तो प्रशासनिक अधिकारियों ने तो पहले चुप्पी साध ली लेकिन बाद में जांच का भरोसा दिया। चूँकि मामला भाजपा की बड़ी नेता से जुड़ा हुआ था इसलिये ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मामले में एसडीएम ने बिना जांच किए ही कह दिया कि जमीन स्कूल की नहीं है।
अब आप इस मामले पर कंगारू अदालत लगाने वाली मीडिया की भूमिका देखिये..! आज स्मृति ईरानी की बेटी की जगह प्रियंका गांधी की बेटी होती तो पूरी भाजपा नंगे होकर नाच रही होती। भाजपा के प्रवक्ता चैनलों पर बैठकर सारे संस्कारों पर प्रवचन और बहस कर रहे होते। तमाम कथित हिंदू और हिंदुत्ववादी संगठन नागिन डांस कर रहे होते। मगर अब सब गजब की शांति साधना में हैं। स्मृति की बेटी के इस रेस्टोरेंट में सूअर के पेट के हिस्से वाले मांस से बनने वाला मांसाहारी व्यंजन सबसे लजीज माना जाता था/है। कहीं से कोई आवाज उठी? शाकाहार पर ज्ञान बाँटने वाले और कथित गोभक्षकों का भीड़तंत्र के जरिये खून करने वाले सभी हिंदू धर्म प्रेमी मौन हैं। अब न सनातन याद आ रहा है और न म्लेच्छ। वह जमात जो पंडित नेहरु को मुसलमान साबित करने में पूरी ऊर्जा झोंके रहती है और उनके परिवार की विधवा बहू को बार बाला कहने में ‘गर्व’ महसूस करती रही है उसे अब शर्म नहीं आ रही है। विपक्ष की महिला नेताओं का चरित्र हनन करने का एक भी अवसर न चूकने वाला गिरोह न केवल गोवा प्रकरण पर मौन है बल्कि मेघालय राज्य में पार्टी उपाध्यक्ष द्वारा चलाये जा रहे वेश्यालय पर भी बेशर्म चुप्पी साधे हुए है। इसीलिए कहा जाता है शायद कि आप जो करते हैं वही आपको वापस मिलता है। इसलिए छद्म राष्ट्रवाद और फर्जी देशभक्ति की आड़ में किसी भी स्त्री के लिए विष उगलने वालों को यह जरूर ध्यान रखना चाहिये कि बेटियां बहुयें तुम्हारे घर पर भी हैं। अखबार कभी तुम्हारे घर के आंगन के किस्सों पर भी छप सकते हैं। वैसे भी कहावत है कि किसी पर झूठा कीचड़ नहीं उछालना चाहिये, पलट कर खुद पर ही गिरता है।
(लेखक देश के जाने माने पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के नियमित स्तंभ लेखक हैं।)

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