झारखंड ऑपरेशन लोटस बेनकाब, असम से जुड़े तार

राष्ट्रीय

अजय भट्टाचार्य
झारखंड
की झामुमो-कांग्रेस सरकार गिराने के षड्यंत्र के तार असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से जुड़ रहे हैं। झारखंड के बेरमो निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने पार्टी के 3 विधायकों के खिलाफ शिकायत पत्र लिखा और आरोप लगाया कि तीनों ने उन्हें गुवाहाटी ले जाने और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिलने के लिए कोलकाता बुलाया था। उन्होंने पत्र में लिखा कि हिमंत बिस्वा सरमा ने कथित तौर पर नई सरकार में प्रति विधायक 10 करोड़ रुपए के अलावा एक निश्चित मंत्री पद का आश्वासन दिया, जो वर्तमान झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस सरकार को गिराने के बाद बन सकती है। कुमार जयमंगल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तीनों विधायकों (इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी) के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। प्राथमिकी हावड़ा स्थानांतरित की जाएगी जहां तीनों को उनके कब्जे से नकद वसूली के बाद गिरफ्तार किया गया था।
इधर हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि वे पहले कांग्रेस में ही रहे हैं, लिहाजा पार्टी नेताओं से लंबे समय से जुड़ाव के कारण वो आज भी कांग्रेस के कई नेताओं के संपर्क मे हैं। कांग्रेस के नेता मेरे संपर्क में हैं, क्योंकि मैं उस पार्टी में बीते 20 साल से था। वे जब भी असम आते हैं मुझसे मिलते हैं। मैं भी उनसे दिल्ली में मिलता हूं। हिमंत बिस्वा सरमा 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वहीं, कांग्रेस ने झारखंड के अपने तीन विधायकों, इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल को सस्पेंड कर दिया है। इन तीनों विधायकों को शनिवार को पश्चिम बंगाल में उनके वाहन में भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद हिरासत में लिया गया था। बंगाल पुलिस ने कैश बरामदगी मामले में इन तीन विधायकों और दो अन्य को गिरफ्तार भी कर लिया है।

इधर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि झारखंड में ऑपरेशन लोटस बेनकाब हो गया है। इस बीच बेहिसाबी नकदी के साथ शनिवार रात को हिरासत में लिए गए झारखंड के तीन कांग्रेस विधायक सहित पांच आरोपियों को रविवार को हावड़ा की अदालत में पेश किया गया जहाँ अदालत ने इन्हें 10 दिनों की हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंपा है। इनके पास से करीब 49 लाख 37 हजार 300 रुपये बरामद किये गये थे। इन आरोपियों में जामताड़ा के विधायक इरफान अंसारी, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, कुमार प्रतीक और चंदन कुमार शामिल हैं। सरकारी अधिवक्ता तारागति घटक के मुताबिक हावड़ा कोर्ट ने पांचों आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंपा गया है। . इन आरोपियों पर आईपीसी 420/120 बी /171 ई/ 34 के अलावा 8/ 9 पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। हावड़ा पुलिस को खबर मिली थी कि पांचला से झारखंड नंबर की एक गाड़ी गुजरनेवाली है। इस गाड़ी में भारी-भरकम कैश होने की सूचना थी। सूचना मिलते ही रानीहाटी मोड़ पर विशेष वाहन चेकिंग की गयी। जब गाड़ी की तलाशी ली गयी, तो गाड़ी की डिक्की में भारी मात्रा में नकदी मिलते ही सभी को हिरासत में ले लिया गया था। मशीन से कैश की गिनती की गयी थी।

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