धार्मिक आस्था का केंद्र है चंदौली का मां काली मंदिर

उत्तर प्रदेश फीचर

न्यूज स्टैंड18 फीचर डेस्क
उत्तर प्रदेश
के चंदौली जिले के महराई गांव स्थित मां काली का मंदिर आस्था और श्रद्धा का एक बड़ा धार्मिक स्थल है, जहां मां काली का दर्शन करने दूर – दूर से श्रद्धालु आते हैं। यहां हर साल कई धार्मिक उत्सव भी आयोजित किए जाते हैं। खासकर नवरात्रि में यहां मां काली मंदिर की छटा देखते ही बनती है।

मां काली मंदिर, ग्राम महाराई जिला चंदौली


स्थानीय लोग इस मंदिर को मनोकामना पूर्ण मंदिर के रूप में भी जानते हैं। उत्तर प्रदेश के खासकर पूर्वी क्षेत्र में आयोजित होने वाले कराह पूजा को देखने यहां आसपास के जिलों से भी लोग पधारते हैं। कराह एक विशेष प्रकार की पूजा है, जिसमे मिट्टी के बड़े – बड़े घड़े में दूध भरकर उपले की आग पर रखा जाता है। इसी दूध में चावल भी डाल दिया जाता है जो पूजा के समापन पर प्रसाद स्वरूप भक्तों में वितरित किया जाता है। इसी खौलते हुए दूध से भगत स्नान करते हैं। भगत उसे कहा जाता है जो पूजा का मुख्य पुजारी होते हैं। इसे मां का चमत्कार ही माना जायेगा कि खौलते दूध से स्नान करने के बाद भी भगत की त्वचा पर कोई असर नहीं होता।
अब इस आस्था के केंद्र को और भी सुंदर बनाने के लिए समाजसेवी प्रमोद प्रजापति प्रयासरत हैं। चंदौली के स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री श्री महेंद्रनाथ पांडे के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार करने की तैयारी चल रही है। मंत्री श्री पांडे को एक नेता के साथ – साथ क्षेत्र में प्रखर धार्मिक व्यक्तित्व के रूप में भी लोग पहचानते हैं। लोगों को उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि, जल्द ही मां काली यह मंदिर पूर्वी उत्तर प्रदेश की पहचान बनेगा।

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