महाराष्ट्र की महाभारत

मुंबई राजनीति

अजय भट्टाचार्य
राज्यसभा
और विधान परिषद चुनाव परिणामों की प्रतिध्वनि महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पर संकट बनकर उभरी है। यह स्तंभ लिखे जाने तक महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री और उन्हीं की पार्टी शिवसेना के शीर्ष नेता एकनाथ शिंदे कथित तौर पर भाजपा शासित गुजरात में सूरत के मेरिडियन होटल में पार्टी के 21 अन्य विधायकों के साथ डेरा जमाये हुए हैं। उनसे पार्टी और पार्टी के नेता संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उद्धव ठाकरे सरकार पर खतरे के बादल साफ नजर आ रहे हैं। विधान परिषद चुनाव में भाजपा को 20 वोट ज्यादा मिले हैं जिसका अर्थ यह है कि सरकार बनाने के लिए भाजपा को अब भी 11 विधायक चाहिये। संयोग या प्रयोग यह है कि शिंदे 21 विधायकों के साथ सूरत पहुंचे हैं।
कथित तौर से नाराज एकनाथ शिंदे के अलावा पालघर के विधायक श्रीनिवास वांगा, अलीगढ़ के विधायक महेंद्र दलवी और भिवंडी ग्रामीण के विधायक शांताराम मोरे भी “पहुंच से बाहर” हैं। गुजरात के होटल में शिवसेना के कुल 22 विधायक ठहरे हुए हैं, जिनमें से पांच मंत्री हैं। शिंदे हाल ही में महाराष्ट्र के मंत्री तथा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे के साथ अयोध्या यात्रा पर गए थे। 2004 से 2019 तक लगातार चार बार महाराष्ट्र विधानसभा में चुने गए। 2014 में जीत के बाद उन्हें शिवसेना विधायक दल का नेता चुना गया था, और फिर वह महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे हैं। इधर महाराष्ट्र में आघाडी सरकार के शिल्पकार व राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने दिल्ली में कहा है कि यह शिवसेना का अंदरूनी मामला है और हम शिवसेना के फैसले के साथ रहेंगे।
विपक्षी भाजपा के सूत्रों का दावा है कि शिंदे के साथ शिवसेना के 13 विधायकों के अलावा सूरत के होटल में पांच निर्दलीय विधायक भी हैं।
यह संकट सत्तारूढ़ गठबंधन महा विकास अघाड़ी और भाजपा के विधान परिषद चुनावों में पांच-पांच सीटें जीतने के कुछ घंटों बाद आया है। विपक्षी भाजपा ने सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की. कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रकांत हंडोरे सत्ताधारी गठबंधन के लिए एक झटके में हार गए। एकनाथ शिंदे की गिनती शिवसेना के कद्दावर नेताओं में होती है। उन्होंने प्रदेश में संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका यह कदम उद्धव ठाकरे सरकार के लिए मुसीबतें बढ़ा सकता है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता महेश तापसे कहते हैं कि महा विकास अघाड़ी सरकार का भविष्य “बिल्कुल सुरक्षित” है। एकनाथ शिंदे के पुत्र श्रीकांत शिंदे इस वक्त लोकसभा सांसद हैं, और उनके भाई प्रकाश शिंदे इस समय पार्षद हैं। हाशिये पर चल रहे एकनाथ शिंदे पार्टी ने फ़िलहाल अपना मुंह नहीं खोला है। इस बीच खबर यह भी है कि शिंदे से संपर्क करने मिलिंद नार्वेकर और रवीन्द्र फाटक सूरत पहुंच गये हैं। दूसरी तरफ दिल्ली से छनकर आ रही खबरें बताती हैं कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस और अमित शाह ने मन्त्रणा की है। भाजपा के खेमे से यह खबर भी है कि जब तक शिंदे के साथ 35 विधायक नहीं होते तब तक भाजपा सरकार बनाने की जल्दबाजी न करे। क्योंकि एक बार राकांपा के अजित पवार के साथ सरकार बनाकर पार्टी पहले ही किरकिरी करा चुकी है। अगर शिंदे से जुड़े सूत्रों की मानें तो एक खास डील के बाद शिंदे सुबह का भूला शाम को घर वापस वाली कहावत चरितार्थ कर सकते हैं। दूसरी तरफ राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति में जुटी भाजपा फ़िलहाल महाराष्ट्र में किसी बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के पक्ष में नहीं है। इसलिये कुल मिलाकर बुधवार का दिन महाराष्ट्र की राजनीति और सरकार के लिए महत्वपूर्ण होने वाला है।

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