ऋषि सुनक के ब्रिटिश PM बनने के बाद मायावती की भारत में दलित प्रधानमंत्री को लेकर वेदना

उत्तर प्रदेश समाचार

नई दिल्ली। ब्रिटिश सरकार में भारतीय मूल के ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती की भारत में दलित PM नही बनाए जाने पर पीड़ा देखी जा सकती है। मायावती ने दलित प्रधानमंत्री को लेकर ट्विट के जरिए अपनी बात रखी है।
उन्होंने ट्विट कर कहा है कि, भारतीय मूल के श्री ऋषि सुनक के अन्ततः ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचने पर यहाँ कांग्रेस व बीेजेपी में ट्विटर वॉर, आरोप-प्रत्यारोप व इधर-उधर की बात जारी है, किन्तु उस राजनीतिक हक व इंसाफ की बातें नहीं की जा रही हैं जिस कारण देश में अभी तक कोई दलित पीएम नहीं बन पाया है।
उन्होंने आगे कहा कि, ऐसे समय जब अमेरिका व यूरोप के अमीर व विकसित देश जबर्दस्त संकटों के बुरे दौर से जुझ रहे हैं तथा स्थिति को संभालने के लिए नित्य नए प्रयोग कर रहे हैं, भारतीय हुक्मरानों को भी देशहित व यहाँ की जनता के भविष्य के लिए अपनी संकीर्ण एवं जातिवादी सोच को त्यागना ही होगा।
मायावती ने कहा है, इसी क्रम में यह जाँच/परख जरूरी है कि दलित, पिछड़े व उपेक्षितों का सच्चा हितैषी कौन? क्या परमपूज्य बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर को भुलाकर उनके करोड़ों अनुयाइयों का कोई असली हितैषी हो सकता है, जैसाकि श्री खड़गे सहित अन्य विरोधी नेतागण उनकी पार्टी की संकीर्ण सोच से मजबूर हैं।

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