शिवपाल-आजम मुलाकात के मायने

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय

अजय भट्टाचार्य
उत्तर प्रदेश
विधानसभा चुनाव के बाद से ही समाजवादी पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। चुनावी नतीजे के बाद ही एक बार फिर मुलायम परिवार में मनमुटाव का नजारा देखने को मिला। सपा के बड़े मुस्लिम चेहरे आजम खान को लेकर भी अखिलेश पर नजरअंदाज किए जाने का आरोप है। इन सब के बीच शिवपाल यादव ने शुक्रवार को सीतापुर जेल में दो साल से बंद सपा विधायक आजम खान से मुलाकात की है। शिवपाल सुबह अचानक आजम खान से मिलने सीतापुर जेल पहुंच गए। जहां उन्होंने करीब एक घंटे तक आजम खान से मुलाकात की।
यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब आजम खान खेमे से अखिलेश यादव के खिलाफ नाराजगी के सुर उठ रहे हैं तो शिवपाल यादव पहले से ही अखिलेश के खिलाफ बागी रुख अख्तियार कर रखे हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल यादव ने आजम खान से मुलाकात के बाद कहा कि इस समय विधानसभा में आजम खां से वरिष्ठ सदस्य कोई नहीं है। वे लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं लेकिन समाजवादी पार्टी आजम भाई की मदद करती हुई या संघर्ष करती हुई नहीं दिख रही है, ये दुर्भाग्य की बात है।
एक तरफ जहां शिवपाल और भतीजे अखिलेश यादव के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, तो वहीं दूसरी ओर आजम के समर्थक लगातार पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं। अगर इन दोनों खबरों को जोड़कर देखा जाए तो यह समाचार समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के लिए चिंता का गंभीर विषय है। इससे पहले राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बुधवार को रामपुर पहुंचकर आजम खान के परिवार से मुलाकात की थी। शिवपाल यादव और आजम खान के बीच पहले से ही काफी अच्छे रिश्ते रहे हैं। ऐसे में खबर है कि शिवपाल यादव अपनी पार्टी को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि अब भाजपा में उनके शामिल होने की खबरों पर विराम लग चुका है।
शिवपाल यादव ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि, ‘आजम खान का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। सपा के वरिष्ठ नेता हैं आजम खान, सही समय पर उनकी मदद नहीं हो सकती। लेकिन अब आजम को लेकर मुख्यमंत्री योगी से बात करूंगा, ताकी जल्द से जल्द उन्हें न्याय मिल सके। उन्होंने पार्टी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सपा को आजम को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करना चाहिए था। आगे की रणनीति को लेकर उन्होंने कहा कि सही समय पर सबकुछ पता चल जाएगा।
विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार के बाद से सपा के नेता और सहयोगी पार्टियों में अखिलेश यादव को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। इसके कारण अलग-अलग हो सकते हैं। शिवपाल यादव ने तो यहां तक कह दिया कि, अगर उन्हें (अखिलेश यादव) मुझसे कोई दिक्कत है तो वो मुझे पार्टी से निकाल दें। आजम खान के मीडिया प्रभारी फसाहत खान ने बीते दिनों अखिलेश यादव पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अपने फायदे के लिए हमें भाजपा का दुश्मन बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि सपा की जीत में मुसलमानों की बड़ी भूमिका है। उनका कहना था कि अखिलेश नहीं चाहते कि आजम खान जेल से बाहर आए। यहां तक कि आजम खान से मिलने अखिलेश यादव जेल भी नहीं गए। वहीं दूसरी तरफ शिवपाल यादव की तरफ से भी भतीजे अखिलेश को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। उनके सीएम योगी से मुलाकात की भी खबर सामने आई थी। जिसको लेकर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा था कि ‘भाजपा से मिलने वाला सपा में नहीं रहेगा। शिवपाल ने इस टिप्पणी को “गैर-जिम्मेदाराना” करार देते हुए कहा, “अगर अखिलेश ऐसा सोचते हैं तो उन्हें मुझे विधायक दल से जल्द बाहर निकाल देना चाहिए।

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