डाकघर की सभी बचत योजनाओं में जमा व निकासी के लिए मोबाइल नंबर हुआ अनिवार्य

उत्तर प्रदेश समाचार

डाकघर खातों में मोबाइल लिंकिंग से मिलेगी ई-बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ई-पासबुक और एनईएफटी की सुविधा-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
वाराणसी।
भारत सरकार ने डाकघर की सभी बचत योजनाओं में मोबाइल लिंकिंग अनिवार्य कर दिया है। इससे डाकघर बचत योजनाओं में जमा राशि और भी सुरक्षित हो जायेगी। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ऐसे खाताधारक जिनके खातों में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, उन्हें डाकघरों में जाकर अपना केवाईसी अपडेट कराना होगा और अपने खातों को मोबाइल नंबर से लिंक कराना होगा। इस हेतु अंतिम तिथि 31 मार्च, 2023 निर्धारित की गयी है। डाकघरों में खुल रहे नए खातों और एनएससी/केवीपी में मोबाइल नंबर अनिवार्यत: लिया जाता है, परन्तु तमाम ऐसे पुराने खाते और एनएससी/केवीपी भी हैं जिसमें अभी तक मोबाइल नंबर लिंक नहीं किया गया है। 31 मार्च तक अपने खातों में मोबाइल नंबर लिंक न कराने वाले खाताधारक अपने खातों से न तो रुपयों को निकाल पाएंगे, न ही जमा कर पाएंगे और न ही खाता को बंद कर पाएंगे। डाकघर बचत योजनाओं में बचत खाता, आरडी, टीडी, एमआईएस, पीपीएफ, सीनियर सिटिज़न सेविंग्स स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, एनएससी, केवीपी शामिल हैं।

मोबाइल लिंकिंग के लाभों के बारे में बताते हुए पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इससे ई-बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग जैसे आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है, वहीं समय-समय पर खातों में हुए लेन-देन की जानकारी भी मैसेज के माध्यम से घर-बैठे प्राप्त होती है। इससे किसी भी प्रकार के गबन से भी बचा जा सकता है। खातों में मोबाइल नंबर लिंक होने से जहाँ टोल फ्री नंबर का प्रयोग कर आई.वी.आर.एस सेवा के माध्यम से खाते के विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी वहीं हाल में शुरू की गई ई-पासबुक सेवा का प्रयोग कर खातों में हुए लेन-देन की जानकारी व मिनी स्टेटमेंट भी ऑनलाइन प्राप्त किये जा सकेंगे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वित्तीय समावेशन और अंत्योदय में डाकघरों की अहम भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अधिकांश लोगों के खाते डाकघरों में खुले हुए हैं। अब डाकघरों में भी एन.ई.एफ.टी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे लोग बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कर सकते हैं। इसमें न्यूनतम सीमा 1 रुपये तथा अधिकतम 15 लाख रुपये है। डाकघर के माध्यम से एन.ई.एफ.टी सेवा का शुल्क निर्धारित है। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत एन.ई.एफ.टी सुविधा 24 घण्टे मुफ्त में उपलब्ध है। डाकघर खातों में धनराशि के ट्रांसफर के लिए देश के सभी डाकघरों के लिए केवल एक ही आई.एफ.एस.सी कोड IPOS0000DOP है। पूरे भारत के सभी डाकघरों का एक ही आई.एफ.एस.सी कोड होने से ग्राहकों को प्रत्येक डाकघर का अलग से आई.एफ.एस.सी कोड नहीं ढूँढना पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.