Mohan bhagwat: मुस्लिम धर्मगुरु ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को बताया “राष्ट्रपिता”

लेख

विजय यादव
राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) गुरुवार को दिल्ली के इमाम हाउस गए थे। इमाम हाउस ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन का कार्यालय है। दिल्ली की कस्तूरबा गांधी मार्ग पर स्थित इस मस्जिद के बंद कमरे में मोहन भागवत करीब एक घंटे मुख्य इमाम डॉ. उमर अहमद इलियासी (Dr. Umer Ahmed Ilyasi) के साथ रहे। RSS चीफ की मस्जिद में किसी मुस्लिम धार्मिक संगठन के प्रमुख से यह पहली मुलाकात थी।
इस मुलाकात के बाद डा. इलियासी ने जो कहा शायद वह सुनकर उन छात्रों को झटका लगे जो अभी तक किताबों में पढ़ते आए हैं कि, महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) देश के राष्ट्रपिता हैं। इस इमाम की माने तो गांधी को राष्ट्रपिता बताने वाले गलत हैं। अगर गांधी को राष्ट्रपिता बताने, लिखने वाले गलत नही हैं तो इसे क्या कहेंगे?
इमाम ने मुलाकात के बाद आगे कहा कि, हमारा DNA एक ही है, सिर्फ इबादत करने का तरीका अलग है। उन्होंने मोहन भागवत को राष्ट्रपिता और राष्ट्रऋषि बताया। मुलाकात के समय मोहन भागवत के साथ सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश और रामलाल भी मौजूद रहे।
मोहन भागवत को राष्ट्रपिता उस समाज का धार्मिक गुरु बता रहा है, जिसके नेता आए दिन भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को मुस्लिम विरोधी बताते रहते हैं। क्या आगे अब यह समझा जाय कि, मुसलमानों का संघ में साथ विरोध खत्म हो गया? अगर ऐसा होता है तो, राष्ट्रीय सद्भावना के लिए अच्छा संकेत है। अब समय का इंतजार करना होगा कि देश के कितने मुसलमान संघ प्रमुख को राष्ट्रपिता मानते हैं।
राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों पर नजर रखने वाले जानकारों का मानना है कि, यह एक प्रयोग है जैसे सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) को भाजपा ने इस कदर प्रस्तुत किया कि, नई पीढ़ी को लगने लगा वह कांग्रेस के नहीं बल्कि भाजपा के नेता थे। इसी तरह नई पीढ़ी को पढ़ा दिया जाएगा कि, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी नहीं बल्कि मोहन भागवत हैं। लोगों को इस बात का भी आश्चर्य नहीं होना चाहिए जब आगामी दिनों में स्कूल के नए पाठ्यक्रम में महात्मा गांधी की जगह मोहन भागवत को राष्ट्रपिता पढ़ाया जाने लगे।

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