मुंबई झोपड़पट्टी विकास कार्य और पर्यावरण के मुद्दों पर सांसद गोपाल शेट्टी ने केन्द्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे को दिया पत्र

मुंबई राष्ट्रीय

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क

नई दिल्ली। उत्तर मुंबई के सांसद गोपाल शेट्टी झोपड़पट्टी पुनर्विकास परियोजना और मुंबई के साथ-साथ महाराष्ट्र झोपड़पट्टी मुक्त हों, झोपड़पट्टी के नागरिकों को पक्के घर मिले और राज्य और मुंबई शहर को पर्यावरण की दृष्टि से स्वच्छ बनाया जाए इस हेतू लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर 5 अगस्त को सांसद श्री शेट्टी ने केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे से दिल्ली में मुलाकात की और एक पत्र दिया।
पत्र में उन्होंने कहा कि मुंबई में झुग्गी पुनर्विकास परियोजना और पर्यावरण आपस में जुड़े हुए हैं।
“पिछले 40 वर्षों में, हालांकि, 2,80,000 किरायेदारों / निवासियों को स्लम पुनर्विकास परियोजनाओं के माध्यम से स्थायी आवास दिया गया है। और 15,00,000 (पंद्रह लाख) लोग आज अस्वच्छ परिस्थितियों, बुनियादी सुविधाओं की कमी और गंभीर परिस्थितियों में झुग्गी में रहते हैं और झोपड़पट्टी पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।” यह बताते हुए पत्र में सांसद शेट्टी ने आगे कहा है कि, “जैसा कि कई प्रस्तावक कों ने कहा है, झोपड़पट्टी पुनर्विकास परियोजना (एसआरए) को लागू करते समय, पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करने के दौरान प्रचलित कानूनों और विनियमों के कारण भयानक देरी होती है।
मुंबई नगर निगम द्वारा नियोजित आरजी/पीजी/स्कूल/कॉलेज/सड़क/अस्पताल के लिए आरक्षित कई भूखंडों पर झुग्गियां हैं। और पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करने में बहुत समय बर्बाद होता है। अतः इन झुग्गी पुनर्विकास परियोजनाओं में देरी हो रही है और झुग्गीवासियों को बुनियादी सुविधाओं के बिना एक अस्वच्छ वातावरण में रहना पड़ रहा है।” ऐसा विद्वतापूर्ण विषय लिखते हुए, सांसद गोपाल शेट्टी ने पर्यावरण राज्य मंत्री से अनुरोध किया है कि, “इस संबंध में एक जानकार समिति राज्य स्तर पर गठित होनी चाहिए। भूखंड के क्षेत्रफल के हिसाब से अलग निर्देशिका तैयार करें।
20 हजार वर्ग फुट तक की सभी एसआरए/पुनर्विकास परियोजनाओं को मौजूदा पर्यावरणीय नियमों का पालन किए बिना निर्माण पूरा करने की अनुमति दी जानी चाहिए। मास्टर प्लानिंग प्लान के निर्माण विवरण के अनुसार पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) विभाग द्वारा स्वीकृति दी जानी चाहिए। और इस समय पर्यावरण नियमों को लागू करके बार बार भवन संरचना, निर्माण शैली को संशोधित न करने की मांग की गई है। यदि पर्यावरण नियमों का कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो निर्माण को जारी रखते हुए यानि निर्माण को रोके बिना कार्रवाई/दंड आदि की कार्रवाई की जानी चाहिए।”
ऐसे कई मुद्दों को विस्तार से पेश करते हुए सांसद गोपाल शेट्टी ने आखिरकार केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे से अनुरोध किया है कि वह अतिरिक्त सचिव को इन सभी मुद्दों को तुरंत लागू करने और प्राथमिकता देने के निर्देश देने की कृपा करें।
इससे सिद्ध होता है कि संसद गोपाल शेट्टी ने झोपड़पट्टी मुक्त मुंबई/महाराष्ट्र की दिशा में झोपड़पट्टी पुनर्विकास योजना के मार्ग में पर्यावरण विनियमों के संबंध में एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है और भेंट की है।

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