मुंबई मनपा के क्लास वन अधिकारी तरसते रहे और चपरासी झटक ले गया बंगला

मुंबई

मुंबई। कोरोना काल के दौरान मुंबई महानगर पालिका ने जहां नागरिकों के हित तमाम अच्छे कार्य किए वहीं वरिष्ठ अधिकारियों की कृपा से बहुतों ने मलाई भी काटी। एक मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मुंबई मनपा में चपरासी (मराठी में सिपाही) की नौकरी पाने वाले को मनपा के अधिकारियों ने उसकी पत्नी के नाम से एक कंपनी स्थापित कर सरकारी बंगला तक दे दिया है। हालांकि पत्नी की कंपनियों को ठेका दिलाने के आरोप में इन्हे निलंबित कर दिया गया है, लेकिन आरोप है कि वरिष्ठ इंजीनियरों द्वारा उनकी मदद की जा रही है। आरटीआई में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
मुंबई मनपा के कई क्लास वन लेवल के अधिकारी सरकारी आवास पाने के लिए सालों से इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर एक साधारण चपरासी को बंगला मिल गया। चपरासी का नाम अर्जुन नराले है और वह नाना चौक में डी सेक्शन के सॉलिड वेस्ट सेक्शन में काम कर रहा था। यह उन दो चपरासियों में से एक है जिन्होंने कोरोना काल में अपनी पत्नियों के नाम से कंपनियां खड़ी कीं और करोड़ों रुपये के काम मुंबई मनपा से हथिया लिया।
अर्जुन नराले ने अपनी पत्नी अपर्णा के नाम पर श्री एंटरप्राइजेज कंपनी की स्थापना की और डेढ़ साल में 1 करोड़ 11 लाख रुपये कमाए। इसी दौरान मेंटेनेंस विभाग में चपरासी (सिपाही) रत्नेश भोसले ने अपनी पत्नी रिया के नाम पर आरआर इंटरप्राइजेज कंपनी की स्थापना की और 65 लाख रुपए के काम हाथ में लिए।
इस मामले में जांच के बाद भले ही इन दोनों को सेवा से निलंबित कर दिया गया हो, लेकिन मनपा ने अभी तक इनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है। साथ ही इन दोनों की मदद करने वाले नगर पालिका के डी डिवीजन के दस इंजीनियरों की विभागीय जांच अभी शुरू नहीं हो पाई है।
रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। लेकिन सिर्फ दो लोगों को निलंबित कर वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

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