Mumbai BMC: कूड़ा संग्रह में डेढ़ हजार करोड़ का घोटाला, भाजपा नेता विनोद मिश्रा का मनपा पर करारा प्रहार

मुंबई

न्यूज स्टैंड18 डेस्क
मुंबई।
भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई में कचरे के संग्रहण, ट्रांसपोर्ट, प्रोसेसिंग और डिस्पोजल के लिए टेंडर कार्टलाइजेशन में डेढ़ हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। इस मामले में विनोद मिश्रा ने मुंबई मनपा आयुक्त को एक लिखित पत्र भी भेजा है।
इस मामले में भाजपा नेता एवं पूर्व नगरसेवक विनोद मिश्रा ने बताया है कि, मुंबई महानगरपालिका ने C&D वेस्ट मैनेजमेंट के लिए टेंडर निकाला था, उक्त निविदा के लिए के दो निविदाकारों ने टेंडर पाने और सरकारी पैसे को लूटने के लिए कार्टेल तैयार किया है।
महानगरपालिका द्वारा C&D कचरे के संग्रह के लिए चुने गए बीडर्स में से एक मेसर्स एजी एनवायरो इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की नागपुर महानगरपालिका में कचरे का वजन बढ़ाने के लिए उसमें MSW कचरा और अन्य कचरे को मिलाने के आरोप की जांच हो रही है और नागपुर महानगरपालिका ने कान्ट्रैक्ट तुरंत रद्द करने और पार्टी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने प्रेस को भेजे एक विज्ञप्ति में कहा है कि, मनपा के C&D वेस्ट की इस में भाग लेने वाले दोनों बीडर्स पहले से ही बीएमसी के साथ SWM डिपार्टमेंट के कचरे के संकलन में लगे हुए हैं।
बीडर्स से SWM विभाग के अधिकारियों और दो ठेकेदारों ने कार्टेल किया है और एक दूसरे को लूट में हर तरह का सहयोग कर रहे हैं। दोनों ने इससे पहले भी कान्ट्रैक्ट बेहद बढ़ी हुई कीमत पर हासिल किया है।
इसी तरह का काम नागपुर महानगरपालिका में पीपीपी के तहत DFBOOT (डिजाइन, फाइनेंस, बिल्ट, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) का टेंडर हासिल किया है, और मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि वहाँ पर C&D waste के रिसाइकलिंग के लिए 414 रुपये प्रति टन का रेट प्राप्त हुआ है। वहीं मनपा ने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए इस टेंडर की शर्तों और अंदाज को इस तरह से संशोधित किया है की अब वही टेंडर की दर 15 सौ रुपये प्रति मीट्रिक टन है, जो कि प्रचलित दर से लगभग तीन गुना है और निविदाकारों 35 से 40 प्रतिशत एस्टिमेट से ज्यादा भरा है। इस वजह से मनपा को लगभग एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होने की संभावना है।
भाजपा नेता ने बताया है कि, 2020-2021 के महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुमानों के अनुसार, एमसीजीएम प्रति वर्ष लगभग 35 लाख मीट्रिक टन सीएंडडी वेस्ट पैदा करता है (एमपीसीबी रिपोर्ट संलग्न)। जबकि सलाहकार ने प्रतिदिन 1200 टन सीएंडडी कचरे का अनुमान लगाया है। इसलिए सलाहकार ने नई निविदा के अनुसार प्रस्तावित 600 मीट्रिक टन दैनिक क्षमता (प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक) के दो रिसाइकलिंग प्लांट्स की सिफारिश की है। सीएंडडी कचरे और सलाहकार के अनुमानों पर एमपीसीबी के अनुमानों में बहुत बड़ा अंतर है। एमपीसीबी के अनुमानों के आधार पर हम हर साल उत्पन्न होने वाले सीएंडडी कचरे के 10 प्रतिशत को रीसायकल करने का प्रस्ताव कर रहे हैं।
नागपुर जैसा शहर, जो एमपीसीबी का अनुमान है कि प्रति वर्ष 8100 मीट्रिक टन सीएंडडी कचरे ने प्रति दिन 150 टन की ऑपरेटर क्षमता के साथ टेंडर जारी किया है।
वर्तमान निविदा दस्तावेज बोलीदाताओं को रिसाइकलिंग प्लांट्स की स्थापना के लिए अपनी पसंद की भूमि का उपयोग करने के लिए विशेष विशेषाधिकार प्रदान करते हैं।
श्री मिश्रा कहा है कि, इस बात की पूरी संभावना है कि वर्तमान रिसाइकलिंग प्रोजेक्ट्स से बड़े पैमाने पर पर्यावरण और जनता को नुकसान पहुंचेगा।
जानकारी के अनुसार शहर की सीमा गोराई में एक संयंत्र और मैंग्रोव के पास आ रहा है और इसके लिए सीआरजेड मंजूरी की आवश्यकता होगी।
इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि एमसीजीएम पूरी परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले इस विषय पर श्वेत पत्र जारी करे।
1) थोक और व्यक्तिगत सी एंड डी वेस्ट प्रोवाईडर के साथ प्रति टन दर को अंतिम रूप दिया गया जिसे एमसीजीएम रिसाइकलकर्ता की ओर से एकत्र करेगा।
2) ठेकेदार कचरा में मिलावट नहीं करेगा।
3) बोलीदाताओं द्वारा दिए गए रिसाइकलिंग प्लांट्स का स्थान। क्या किसी स्थान के लिए CRZ अनुमति की आवश्यकता होती है? और कितने समय में?
विनोद मिश्रा ने मांग की है, बृहन्मुंबई महानगरपालिका को इस निविदा को रद्द करके पूरे प्रकरण की जांच करके योग्य कार्रवाई करनी चाहिए।
घन कचरा विभाग के ठेकेदार और अधिकारी अनेक ठेके में बड़े पैमाने पर शर्तों को भंग करते हुए लूट जारी रखे हुए हैं और इसकी भी विस्तृत जांच होनी चाहिए।

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