हमारी सेनाएं दुश्मनों को उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब देना जानती हैं: प्रधानमंत्री

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कारगिल(लेह लद्दाख)। हमने युद्ध को कभी भी पहला विकल्प नहीं मना..हमने युद्ध को हमेशा अंतिम विकल्प मना है। हमने युद्ध को अंत तक टालने की कोशिश की है। हम युद्ध के खिलाफ हैं लेकिन सामर्थ्य के बिना शांति संभाव नहीं। यह कहना है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का।
प्रधानमंत्री कारगिल में सेना के जवानों से मुलाकात के दौरान अपने भाषण में कहा कि, अगर कोई हमारी तरफ नजर उठाकर देखेगा तो हमारी तीन सेनाएं दुश्मनों को उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब देना भी जानती है।
राष्ट्र हित में आज बड़े से बड़े निर्णय तेजी से लागू किए जाते हैं। सेना में बड़े सुधार की जो जरूरत दशकों से महसूस की जा रही है वो आज जमीन पर उतर रही है।
उन्होंने सेना के जवानों को संबोधित करते हुए आगे कहा आप सीमा पर कवच बनकर खड़े हुए हैं तो देश के भीतर देश के दुश्मनों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो रही है..आतंकवाद, नक्सलवाद आदि जो जड़े बीते वर्षों में पनपी थी उसे उखाड़ने का सफल प्रयास देश निरंतर प्रयास कर रहा है।
कभी नक्सलवाद ने देश के एक बड़े हिस्से को अपनी गिरफ्त में ले लिया था, लेकिन आज वो दायरा सीमट रहा है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारगिल में दिवाली समारोह में शामिल होने पर सशस्त्र बलों के सदस्यों द्वारा ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए गए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को मिठाई खिलाई। उन्होंने कहा, मैं अपने 3 सेनाओं की प्रशंसा करता हूं जिन्होंने तय किया है कि 400 से अधिक रक्षा सामान अब विदेशों से नहीं खरीदे जाएंगे, बल्कि भारत में बनाए जाएंगे।

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