Papankusha Ekadashi 2022: पापांकुशा एकादशी व्रत का जाने सही मुहूर्त और महत्व

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शास्त्रों के अनुसार, पापांकुशा एकादशी व्रत करने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि, धन व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। व्यक्ति के जीवन में आने वाली समस्याएं दूर होती हैं।
आज अश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि और गुरुवार है। एकादशी तिथि आज सुबह 9.40 बजे तक रहेगी। ऐसे तो एकादशी कल से ही शुरू हो गई है, लेकिन उदया तिथि देखी जाती है, इस नाते एकादशी का व्रत आज (गुरुवार 6 अक्तूबर) को रखा जाएगा। इसके बाद द्वादशी तिथि होगी। इसके साथ ही धनिष्ठा नक्षत्र आज शाम 7.42 बजे तक रहेगा। इसके अलावा आज से पंचक शुरू हो गया है। साथ ही आज पापांकुशा एकादशी है।
युधिष्ठिर के आग्रह पर भगवान श्रीकृष्ण ने आश्विन शुक्ल एकादशी के महत्व और व्रत विधि के बारे उनको बताया कि आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी पापांकुशा एकादशी के नाम से जानी जाती है। यह सभी पापों को दूर करने वाली और यमलोक की पीड़ा से मुक्ति दिलाने वाली है।
भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को पापांकुशा एकादशी व्रत कथा जो सुनाई, वह कुछ इस प्रकार से हैं। विंध्य पर्वत पर क्रोधन नामक एक बहेलिया रहता था। वह बेहद ही हिंसक, कठोर, अधर्मी, पाप कर्मों में लिप्त रहने वाला व्यक्ति था। समय के बीतने के साथ ही उसके जीवन का भी अंतिम क्षण आने वाला था। उसके मृत्यु से एक दिन पूर्व यम दूतों ने उसे संदेशा दिया कि कल तुम्हारे जीवन का अंतिम दिन है, कल तुम्हारे प्राण लेने के लिए वे आएंगे।

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