Punjab election 2022: सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का चेहरा न बनाने से पत्नी नाराज

राजनीति समाचार

अजय भट्टाचार्य
कांग्रेस
की तरफ से मुख्यमंत्री पद उम्मीदवार की दौड़ में चरणजीत चन्नी से नवजोत सिद्धू के पिछड़ने से उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू नाराज हैं। लुधियाना में चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने पर उन्होंने कहा कि इतने उच्च पद पर किसी को चुनने के लिए शिक्षा को गिना जाना चाहिए। नवजोत सिद्धू मुख्यमंत्री पद के लिए सही विकल्प होते। उन्होंने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या राहुल गांधी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के लिए निर्णय लेने में गुमराह किया गया था।
इससे पहले सिद्धू ने चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बारे में कहा कि यह हाईकमान को तय करना था। जो हाईकमान ने तय किया है, वह स्वीकार है। हालांकि भले ही पॉलिसी की लड़ाई हो, जवाबदेही की लड़ाई हो, पंजाब के लोगों का जीवन बदलने की बात हो, उस राह पर सिद्धू चलता रहेगा। मैं कांग्रेस हाईकमान के साथ था, हूं और रहूंगा। इस सवाल पर कि वह चन्नी के साथ हैं या हाईकमान के साथ? सिद्धू ने कहा- मैं पहले दिन से ही हाईकमान के साथ हूं। उनके हर फैसले को मानता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि मैं जितना हाईकमान के साथ हूं, उससे दोगुना पंजाब के लोगों के साथ हूं। अपने ‘पंजाब मॉडल’ का जिक्र करते हुए सिद्धू ने कहा कि यह मॉडल सबका साझा है। यह सिर्फ सिद्धू का नहीं है। पंजाब मॉडल में से जिसे कोई भी चीज अच्छी लगे, ले सकता है। वह जल्दी ही पंजाब मॉडल को फेसबुक पर डालेंगे। कांग्रेस हाईकमान को भी वह पंजाब मॉडल सौंप चुके हैं। अब इसे लागू करने की ताकत चन्नी के पास है।
चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित होने के बाद कांग्रेस में विरोध व गुटबाजी की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार नवजोत सिंह सिद्धू ने हाईकमान के फैसले का स्वागत किया। वहीं, चन्नी को हाईकमान के फैसले से नई संजीवनी मिल गई है। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें जहां वाल्मीकि-रविदासीय समाज को एकजुट करने के साथ-साथ पार्टी के दिग्गजों की मदद से जाट सिख वोटों को बिखरने से रोकना होगा, वहीं उनके सामने पंजाब में पार्टी का अगला ‘कैप्टन’ बनने का भी सुनहरा मौका है। क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू का कांग्रेस में प्रवेश चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की लगभग 70 मुलाकातों के बाद हुआ, जो (प्रशांत किशोर उर्फ पीके) वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों के पहले कांग्रेस की रणनीति में मदद कर रहे थे। एक चैनल से खास बातचीत में कांग्रेस में अपने प्रवेश के मुद्दे पर सिद्धू ने कहा, ‘प्रशांत किशोर ने कम से कम 70 बार मुझसे मुलाकात कर कांग्रेस से जुड़ने को कहा था। ‘ उन्‍होंने कहा कि प्रशांत किशोर, कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर आशंकित थे और उन्‍हें लगा कि मेरे जुड़ने से वोटों का बड़ा हिस्‍सा स्विंग करने में मदद मिलेगी। नवजोत के अनुसार, ‘पीके ने कहा था कि कांग्रेस 30-35 से ज्‍यादा सीटें हासिल नहीं कर पाएंगी। यदि आप (सिद्धू)आएंगे तो 7 से 8 प्रतिशत ‘वोट स्विंग’ होगा। ‘वर्ष 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 117 में से 77 सीटों पर जीत हासिल करके सत्‍ता में आई थी। आम आदमी पार्टी के साथ कई सप्‍ताह की लंबी बातचीत के बाद सिद्धू जनवरी 2017 में आखिरकार कांग्रेस के ‘हाथ’ के साथ जुड़ गए थे। सिद्धू ने कहा कि ‘आप’ प्रमुख ने भी उनसे मिलने की इच्‍छा जताई थी और आखिरकार जब वे मिले तो केजरीवाल ने उन्‍हें संसद के किसी भी सदन के लिए पार्टी टिकट ऑफर नहीं किया वे चाहते हैं कि मैं केवल पार्टी के लिए प्रचार करूं। पंजाब के इस कांग्रेस नेता ने कहा कि वह राहुल थे जिन्‍होंने उन्‍हें कांग्रेस में शामिल किया और मैं आखिरी सांस तक गांधी परिवार के प्रति वफादार रहूंगा।

(लेखक देश के जाने माने पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं।)

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