Rajyasabha Chunav 2022: राज्यसभा में सिकुड़ती कांग्रेस

लेख समाचार

अजय भट्टाचार्य
विधानसभा
चुनावों में करारी हार के बाद अब राज्यसभा में भी कांग्रेस के लिए संकट की स्थिति खड़ी हो गई है। आने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के उपरी सदन में नंबर काफी कम हो जाएंगे। द्विवार्षिक चुनावों के बाद कांग्रेस के पास जो 30 या 31 सीटें होंगी, उनमें से सबसे अधिक पार्टी शासित राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ और कर्नाटक से होंगी, जहां भाजपा सत्ता में है। पार्टी में राजस्थान और कर्नाटक से 5-5, छत्तीसगढ़ से 4, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से 3-3 और पश्चिम बंगाल और हरियाणा से दो-दो सदस्य होंगे। इसमें बिहार, केरल और झारखंड से एक-एक सदस्य होंगे। लोकसभा में भी कुछ ऐसा ही हाल है। कांग्रेस का हरियाणा, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा सहित राज्यों से कोई लोकसभा प्रतिनिधित्व नहीं है। इसके कुल 53 निचले सदन सदस्यों में से 28 दक्षिण भारत से हैं। केरल से 15, तमिलनाडु से आठ, तेलंगाना से तीन और कर्नाटक और पुडुचेरी से एक-एक हैं। उत्तर भारत में, केवल पंजाब ने सदन में 8 सदस्यों को संसद भेजा है।

पार्टी के लिए अधिक चिंता का विषय इसके भौगोलिक पहचान का सिकुड़ना है। अब कांग्रेस का राज्यसभा में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिनिधित्व नहीं होगा। मार्च के अंत तक राज्यसभा में कांग्रेस की संख्या 33 थी। जबकि चार सदस्य पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जून और जुलाई में नौ और सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। चुनावों के बाद कांग्रेस सदस्यों की संख्या घटकर 30 हो जाएगी, जो राज्यसभा में अब तक का सबसे न्यूनतम प्रदर्शन है। लेकिन पार्टी के पास उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, दिल्ली और गोवा से राज्यसभा का प्रतिनिधित्व नहीं होगा। पहली बार, पूर्वोत्तर के आठ राज्यों से भी इसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा। पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह 2019 में राजस्थान जाने तक असम से सांसद रहे थे। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल के दौरान वर्ष 1988 में आखिरी बार राज्यसभा में कांग्रेस के 100 से ज्यादा सांसद थे। तब संसद में भाजपा की ताकत सिर्फ दो लोकसभा सांसदों की थी, लेकिन अभी उसके 303 लोकसभा सदस्य हैं। 2012-13 में कांग्रेस को 72 सांसद थे जबकि 2022 में ये आंकड़ा 29 हो गया। बहरहाल, 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में बहुमत का आंकड़ा 123 है और भाजपा नीत राजग अब सभी साधारण विधेयकों को बिना कठिनाई के पास करवाने में सक्षम हो गया है। जदयू के राज्यसभा में चार सांसद हैं। वहीं, पांच सांसदों वाली एएआईडीएमके और नौ सदस्यों वाली बीजद भी मुद्दों पर आधारित समर्थन देती रही है।

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