Rampurhat news: रामपुरहाट का कोहराम !

लेख समाचार

अजय भट्टाचार्य
पश्चिम
बंगाल के रामपुर हाट की घटना ने करीब 21 साल पहले पश्चिम मिदनापुर के छोटो अंगरिया कांड की यादें लोगों के जेहन में ताजा कर दी हैं। 4 जनवरी 2001 की रात स्थानीय माकपा नेतृत्व द्वारा 11 तृणमूल कार्यकर्ताओं को जिंदा जला दिया गया था।
बीते सोमवार की शाम बरशाल ग्राम पंचायत के उप प्रधान भादू शेख पर बमबारी की गयी थी। उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया था। वहां से रामपुरहाट अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कहा जा रहा है कि भादू शेख की हत्या का बदला लेने के लिए ही बाकतुई गांव में हमला किया गया। सोमवार की देर रात कई घरों में आगजनी की गयी। हालांकि तृणमूल के जिला नेतृत्व का दावा है कि हत्या और आगजनी की घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी नहीं हैं।
घटना के बाद पुलिस ने बाकतुई व चमड़ागोदाम पाड़ा इलाके से 12 अभियुक्तों बिकिर अली, पलाश शेख, सोना शेख, छोटो लालन शेख, संजू शेख, महि शेख, शेरा शेख, हानिफ शेख, मासाद शेख, न्यूटन शेख व सफी शेख को हिरासत में लिया है। बंगाल पुलिस के मुखिया मनोज मालवीय का दावा है कि सोमवार को तृणमूल नेता भादू शेख की मौत के एक घण्टे के अंदर 7-8 घरों में आग लगायी गयी। अभी परिस्थिति नियंत्रण में है। अभी तक घटना से राजनीति का कोई संपर्क नहीं मिला है। व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण ये घटना घट सकती है।
राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एडीजी सीआईडी ज्ञानवंत सिंह, डीआईजी (वेस्टर्न रेंज) संजय सिंह और डीआईजी सीआईडी (ऑपरेशन्स) मिराज खालिद के नेतृत्व में विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
बीरभूम जिले के एसपी नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी कहते है कि अभी हम इसकी पुष्टि नहीं कर सकते कि आगजनी का तृणमूल नेता की हत्या से कोई संबंध है या नहीं। एक घर से 7 जले हुए शव बरामद किये गये हैं।’
बीरभूम के तृणमूल जिलाध्यक्ष अनुव्रत मण्डल ने कहा, ‘मुझे बताया गया कि शॉर्ट सर्किट के कारण टेलिविजन सेट में विस्फोट हुआ था जहां से आग निकली और 3-4 घरों में फैल गयी। फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी। पुलिस की टीम गांव गयी है, उन्हें जांच करने दीजिये। मैं वहां नहीं था, पुलिस को पता करने दीजिये।’
इधर, भाजपा के प्रतिनिधिदल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की गयी है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने विधानसभा में प्रदर्शन करने के साथ ही राजभवन जाकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की। कुछ लोग इस घटना को महीने रामपुरहाट नगरपालिका में हुए चुनाव में वार्ड नं. 17 में माकपा पार्षद की जीत से जोडकर भी देखते हैं। इस बीच, केंद्र सरकार ने इस मामले में 72 घण्टों के अंदर राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। वहीं तृणमूल सरकार ने इस घटना को राज्य सरकार के खिलाफ गंभीर षड्यंत्र बताया है। इधर घरेलू मोर्चे पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच चिट्ठी युद्ध चल रहा है। जबकि भादू शेख पत्नी केबिला बीबी ने कहा है कि पुलिस की जांच पर मुझे भरोसा नहीं है। रामपुरहाट थाने के आईसी अच्छे व्यक्ति नहीं हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर सुनवाई शुरू की कर दी है। संसद में इस मुद्दे पर भाजपा सांसदों ने बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर डाली है।

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