चंद्रकात पाटिल पर स्याही फेंकने वालों पर लगी धारा 307 हटी, जमानत मिलने की संभावना बढ़ी

मुंबई

मुंबई। पुणे के पालक मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर स्याही फेंकने वालों पर लगी धारा 307 को हटा लिया गया है।
पालक मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर स्याही फेंकने वाले तीनों के खिलाफ धारा 307 व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस आयुक्त अंकुश शिंदे ने एक मराठी दैनिक को बताया है कि धारा 307 जिसका अर्थ हत्या का प्रयास है, को कम कर दिया गया है।
ज्ञात हो शनिवार को चंद्रकांत पाटिल पर स्याही फेंकी गई थी। मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। इस मामले में आरोपी के वकील सचिन भोसले ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस द्वारा आरोपी पर हत्या के प्रयास की धारा 307 लगाई गई है। साथ ही अनुच्छेद 307 लागू होने के कारण विपक्ष ने सरकार विशेषकर भाजपा की तीखी आलोचना की थी।
पुणे के पालक मंत्री चंद्रकांत पाटिल डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले को लेकर एक विवादित बयान दिए थे। इसके बाद राज्य भर से विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसी बीच शनिवार को पिंपरी- चिंचवड़ दौरे के दौरान चंद्रकांत पाटिल पर स्याही फेंकी गई। इसके बाद तीनों को पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने हिरासत में लिया और तीन दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। उन्हें आज फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा और धारा 307 हटने से अब उन्हें जमानत मिलने की संभावना बढ़ गई है।

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