Sonia Gandhi Family: राहुल गांधी क्यों बार-बार जाते हैं इटली, जाने सोनिया के मायके में कौन-कौन?

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Rahul Gandhi अपनी इटली यात्रा को लेकर हमेशा विपक्ष के निशाने पर रहते। तरह – तरह के बयान विपक्ष की ओर से आते रहते हैं। आज हम बताएंगे सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के मायके से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारियां जो बहुत कम लोग जानते हैं।
हाल ही में कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष सोनिया गांधी की मां पाओला माइनो का निधन हो गया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर बताया कि, सोनिया गांधी की मां का 27 अगस्त 2022 को निधन हो गया। 28 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार हुआ। बताया गया है कि सोनिया अपनी मां को देखने के लिए ही विदेश यात्रा पर गईं थीं। उनके साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) भी गए थे।
सोनिया गांधी को लेकर लोगों को काफी कम जानकारी है। हम आपको बता रहे हैं कि आखिर सोनिया गांधी का परिवार कैसा था? उनके परिवार में कितने लोग रहे? सोनिया की शादी के बाद उनके परिवार को लेकर चर्चा इतनी कम क्यों रही है?
हिंदी दैनिक अमर उजाला ने इसी विषय पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। अखबार ने अपनी इस खास रिपोर्ट में बताया है कि, सोनिया गांधी का जन्म इटली के वेनेतो शहर के लूसियाना में 9 दिसंबर 1946 को हुआ था। पिता स्टेफनो माइनो और मां पाओला थीं। माइनो परिवार जिस शहर में रहता था, वहां की 95 फीसदी आबादी रोमन कैथोलिक इसाई परिवार से आती है। सोनिया और उनका परिवार बाद में ट्यूरिन के ओरबासानो में बस गया। यहीं उनकी पढ़ाई हुई।
सोनिया गांधी के परिवार में पिता स्टेफनो माइनो और मां पाओला माइनो के अलावा दो और बहनें हैं। सोनिया से छोटी बहन का नाम नादिया है, जबकि उनकी बड़ी बहन का नाम अनुष्का है। जहां नादिया की शादी स्पेन के एक राजनयिक के साथ हुई, तो वहीं सोनिया की बड़ी बहन अनुष्का और उनकी बेटी अरुणा अभी भी इटली में ही रहती हैं।
बताया जाता है कि सोनिया के पिता स्टेफनो माइनो कंस्ट्रक्शन बिजनेस में थे। हालांकि, उनका इतिहास इटली की सेना से भी जुड़ा रहा। स्टेफनो ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हिटलर की जर्मन सेना के साथ रूस में लड़ाई लड़ी थी। वे इटली की राष्ट्रीय फासीवादी पार्टी का भी हिस्सा थे और बेनितो मुसोलिनी के जबरदस्त समर्थक रहे थे। रूस में लड़ने के दौरान ही स्टेफनो जेल भी गए। हालांकि, विश्व युद्ध खत्म होने के बाद वे इटली लौटे और 1960 के दशक में उन्होंने कंस्ट्रक्शन बिजनेस शुरू किया।
अमर उजाला ने आगे कहा है कि, सोनिया की मां पाओला माइनो साधारण हाउसवाइफ रहीं। स्टेफनो के विश्व युद्ध में लड़ने से लेकर उनके कंस्ट्रक्शन बिजनेस में आने तक तीनों बेटियों को संभालने की पूरी जिम्मेदारी पाओला पर ही रही। वे अपनी बेटी अनुष्का के साथ ही ओरबासानो में ही थीं और धार्मिक कार्यों से लगातार जुड़ी रहीं। उनके बारे में सार्वजनिक तौर पर न तो सोनिया गांधी और न ही राहुल-प्रियंका गांधी ने बहुत ज्यादा चर्चा की। हालांकि, उनकी कुछ तस्वीरें सामने आती रही हैं।

सोनिया गांधी अपनी मां पाओला माइनो के साथ। फोटो: Social Media


बताया जाता है कि 1991 में जब राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब पाओला माइनो ने सोनिया से फोन पर बात कर उन्हें भारत छोड़ने और इटली लौटने के लिए कहा था। हालांकि, सोनिया ने यह कहते हुए इटली जाने से इनकार कर दिया था कि वे अब खुद को भारतीय ही मानती हैं और यहीं रहना चाहती हैं।
2004 में जब कांग्रेस पार्टी ने भारत में जबरदस्त जीत दर्ज की थी। तब बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ओरबासानो के तत्कालीन मेयर ने कहा था कि सोनिया का परिवार इस मामले पर नहीं बोलना चाहता। उन्होंने बताया था कि राजीव गांधी के साथ हुए घटनाक्रम के बाद से ही माइनो परिवार काफी दुखी था और वह सोनिया की राजनीति को लेकर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
इसके अलावा कई और ऐसे मौके भी आए, जब मीडिया कर्मियों ने सोनिया गांधी के इटली में रह रहे परिवार से संपर्क करने की कोशिश की। हालांकि, न तो उनकी बहन नादिया और न ही अनुष्का कभी भी बातचीत के लिए आगे आईं। अनुष्का ने ओरबासानो में ही वॉल्टर विंची से शादी की और उनकी एक बेटी अरुणा है, जो कि इटली में ही भारतीय उत्पादों से जुड़ी एक दुकान चलाती हैं।
साभार: Aamar Ujala

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