आज़मखेड़ा होकर जायेगी गंजमुरादाबाद से बरौंकी तक बनने वाली 5 करोड़ की सड़क

रईस खानउन्नाव (उत्तर प्रदेश)। उप्र के जिला उन्नाव की तहसील बांगरमऊ के गंजमुरादाबाद ब्लाक में हरदोई-उन्नाव मार्ग से बरौंकी वाया आज़मखेड़ा मार्ग का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एफडीआर तकनीक से इस इलाके में पहली सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के क्रम में […]

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जोंक  से इलाज ( लीच थिरेपी) पर कार्य शाला

रईस खानलखनऊ। यूनानी स्कॉलर्स एसोसिएशन, बाराबंकी की तरफ से लीच थिरेपी पर एक कार्य शाला  जी पैलेस, नबी गजं,बाराबंकी  में आयोजित  की गई। इसमें लीच थिरेपी के माहिर डॉक्टर अब्बास जैदी असिस्टेंट  प्रोफेसर  गवर्नमेंट यूनानी मेडिकल कॉलेज, भोपाल मध्य प्रदेश, जिनको मलेशिया मे साइंटिफिक  कान्फ्रेंस, 2011 मे बेस्ट पेपर एवार्ड मिला था,2017 मे आयुष मन्त्रालय, […]

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खिराज_ए_अक़ीदत: 22,रबीउलअव्वल, सभी सूफी सिलसिलों से जुड़े हैं मौलाना शाह फ़ज़ले रहमा (र.अ)

हज़रत मौलाना शाह फ़ज़ले रहमा (र.अ) मल्लावां से गंजमुरादाबाद आकर जिस मस्जिद के प्रांगड़ में आकर ठहरे वहाँ मुरादशेर रह ० की मजार पहले से थी। नेविल ने उन्नाव के गजेटियर में लिखा है कि मुरादशेर रह ० मुगल बादशाह औरंगज़ेब के जमाने में इस स्थान पर आए और उनके नाम से ये गाँव बसा […]

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सरसय्यदडे: खिराज_ए_अक़ीदत, मैंने इस शिक्षण संस्थान को क्यों स्थापित किया ?

रईस खानमेरे मित्रों ! आप लोगों ने अभी अभी अपने सम्बोधन में मोहम्मडन एन्ग्लो ऑरियन्टल कॉलेज की चर्चा की है । अगर कोई यह समझता है कि इस कॉलेज की स्थापना हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच भेदभाव करने के लिए किया गया है तो मुझे दुख होगा । इस कॉलेज की स्थापना का मुख्य उद्देश्य […]

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खिराज ए अक़ीदत: मुसलमानों के ‘मसीहा’ क्यों कहे गए मुलायम…!

रईस खानक़ौमी फरमान, मुंबईमुसलमानों के मसीहा के नाम से मशहूर मुलायम यादव को लोग ‘ मुल्ला मुलायम’ भी कहते थे। उन्होंने अपनी सरकारों में उर्दू और मुस्लिम हित के लिए कई योजनाएं और नियम लागू किये। उन्होंने अपने शासन के दौरान बाबरी मस्जिद बचाने का भी पूरा प्रयास किया था।वीएचपी के आह्वान पर जब 30 […]

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नबी स० का नूर चमका और छा गया सारे जहान में

हज़रत इब्ने अब्बास रिवायत फरमाते हैं : ” जब नूरे मुहम्मदी स० हज़रत अब्दुल्लाह से मुन्तकिल होकर हज़रत आमना के शिकम में करार पज़ीर हुआ तो कुरैश के तमाम जानवरों को कुवते गोयाई मिल गई और वह बाहम ये मुजदा सुना रहे थे कि मुहम्मद स० माँ के पेट में मुन्तकिल हो गये । काबुल […]

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लोगों को अपना दीवाना बना लिया आखरी तक़रीर में हज़रत मोहम्मद

दस हिजरी में नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज का इरादा फ़रमाया और हर तरफ़ इत्तिला भेज दी गयी कि नबी सल्ल० हज के लिए तशरीफ़ ले जाने वाले हैं । इस इत्तिला के बाद गिरोह गिरोह करके लोग मदीना में जमा होने लगे । इस में हर दर्जे और हर तबके के लोग थे। […]

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आखिर इस्लाम पूरी दुनिया में इतनी तेजी से क्यों फैला , जानिए पैगंबर की रणनीति और नज़रिया

मदनी दौर ( मदीना ) में इस्लाम के काम को तीन मरहलों में बांटा जा सकता है। पहला मरहला इस्लामी समाज की बुनियाद रखने का मरहला , जिसमें फ़ित्ने पैदा किए गए परेशानियां बढ़ाई गई , अन्दर से रुकावटें खड़ी की गईं और बाहर से दुश्मनों ने मदीना को नेस्त व नाबूद करने के लिए […]

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मक्के से शुरू हुई इस्लाम की चिंगारी मदीना पहुँच कर आफताब बन गई

हिजरते मदीना आहजरत स ० एक ऐसा फैसला था जिसने कुछ ही समय में वो इंकलाब बरपा कर दिया जिसके लिये आप ने अपनी जिन्दगी मुबारक दांव पर लगा रखी थी । 1- हिजरत के पश्चात इस्लाम के लिये वो सारे रास्ते खुल गये जिससे वो कुछ ही समय बाद एक महान विश्वव्यापी धर्म बन […]

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मक्का के सरदारों ने की जान लेने की साजिश, नबी को छोड़ना पड़ा वतन

मुसलमानों की हिजरत मक्का से मदीना इतनी सरल न थी कि वह आसानी से सहन कर लेते। मुशरकीन ने हर प्रकार की रुकावटें मुसलमानों के लिए खड़ी कर दीं और हर तरह की परीक्षा में उनको डाल दिया। लेकिन मुहाजिरीन अपनी बात के धनी थे । और जो इरादा कर लिया था उससे पीछे हटने […]

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