उत्तर प्रदेश में सपा के शुरू हो गए बुरे दिन, प्रशासन ने खाली कराया कार्यालय

उत्तर प्रदेश समाचार

लखनऊ। कभी उत्तर प्रदेश मे अपनी धाक रखने वाली समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। लखनऊ में सपा की दुकानें तोड़ने के बाद प्रशासन ने अब मैनपुरी (Mainpuri) जिला कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई की है। मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) का गढ़ माने जाने वाले इस जिले सपा कार्यालय पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है।
मैनपुरी जिला सपा कार्यालय की जमीन 2004 में समाजवादी पार्टी ने 90 साल के लिए पट्टा कराया था, हालांकि उस समय राज्य में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी। मैनपुरी जिला पंचायत पर समाजवादी पार्टी का कब्जा था। इसी फायदा उठाते हुए सपा ने जिला पंचायत से नगर कार्यालय के लिए पट्टे पर जमीन ले ली थी, जिसे सोमवार को प्रशासन ने खाली करा लिया। इतना ही नहीं इनके टेबल, कुर्सी समेत अन्य सामान को ट्रैक्टर ट्राली पर लदवा दिया गया। इसके बाद कार्यालय पर लगे सपा के रंग के ऊपर सफेदी पोत दी गई। इस पूरी कारवाई को सपा राजनीतिक द्वेष बता रही है। मैनपुरी जिले में इसे सपा की सबसे बड़ी बेइज्जती बताई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि नियमों का उल्लंघन कर पार्टी ने कार्यालय दूसरी जगह बना लिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
सपा नेताओं ने इसकी जानकारी हाईकमान को दे दी है।
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ओपी सिंह ने देवी रोड घंटाघर के निकट स्थित इस कार्यालय पर नौ सितंबर को नोटिस चस्पा कराया था। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष से कहा गया था कि, जिला पंचायत की जमीन पर बने दो कक्षों का आवंटन किया गया था। सपा का दूसरा कार्यालय अन्य जगह (आवास विकास में) बनने के बाद पांच सितंबर को ये पट्टा खारिज कर दिया है। इसलिए दो दिन में कार्यालय खाली कर दिया जाए।
समाजवादी पार्टी ने दो दिन में जब कार्यालय खाली नहीं किया तो, सोमवार को एसडीएम नवोदिता शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार, कोतवाल विक्रम सिंह, अपर मुख्य अधिकारी ओपी सिंह पुलिस बल के साथ वहां पहुंच कर कार्यालय में रखा फर्नीचर तथा अन्य सामान वाहन में लदवा दिया। इसके बाद कार्यालय में जिला पंचायत के अपना ताला लगा दिया।
सपा के पूर्व विधायक राजकुमार यादव के मुताबिक कार्यालय का 99 साल का पट्टा था। उन्होंने कहा है कि, ये पट्टा राजनैतिक द्वेषवश खारिज कराया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी गई है। इसके साथ ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को मामले से अवगत करा दिया गया है।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ओपी सिंह के अनुसार सपा कार्यालय के लिए 90 साल का पट्टा हुआ लेकिन एग्रीमेंट नहीं कराया गया। उन्होंने बताया कि, कार्यालय देते समय शर्त थी कि कार्यालय के लिए जो दो कमरे लिए गए हैं पार्टी का नया कार्यालय बनने पर ये खाली कर दिए जाएंगे। कार्यालय का पट्टा हुआ था लेकिन एग्रीमेंट नही बना था। शासन यहां जिला पंचायत का अपना काम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई है।
भाजपा नेता राहुल राठौर की शिकायत के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई थी। लगभग आठ महीने पहले ब्रज क्षेत्र के पूर्व भाजपा मंत्री राहुल राठौर ने प्रशासन में शिकायत की थी। 10 जून 2004 को सपा कार्यालय के लिए किराए पर जमीन दी गई थी।

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