मारक पर कानून का शिकंजा कसा

राष्ट्रीय

अजय भट्टाचार्य
अनैतिक
तस्करी के एक मामले में कथित संलिप्तता के सिलसिले में मंगलवार को उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किये गये मेघालय राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष बर्नार्ड एन. मारक के खिलाफ दो और मामले दर्ज होने से उनकी परेशानी में और इजाफा हो गया है। वेस्ट गारो हिल्स पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोस्को) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत नए मामले दर्ज किए हैं। पॉक्सो मामला 22 जुलाई को पुलिस की छापेमारी के दौरान मराक के फार्महाउस रिंपू बागान से बचाए गए छह बच्चों में से एक के मेडिकल रिकॉर्ड पर आधारित है, जबकि बीते गुरुवार को उसके फार्महाउस से विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी के कारण विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने छापेमारी के बाद दावा किया कि कुल मिलाकर छह नाबालिगों को बचाया गया और फार्महाउस से 73 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसका कथित तौर पर मारक और उसके साथियों द्वारा वेश्यावृत्ति के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। मारक उत्तर प्रदेश में अपनी गिरफ्तारी से पहले छापेमारी के बाद से फरार था। उत्तर प्रदेश की एक अदालत द्वारा मेघालय पुलिस को ट्रांजिट रिमांड देने के बाद मारक तुरा लाया जा चुका है।

वेस्ट गारो हिल्स एसपी वी.एस. राठौर के मुताबिक जिला बाल संरक्षण इकाई और मेघालय पुलिस की एक टीम गुरुवार को छुड़ाए गए बच्चों के कपड़े और किताबें लेने के लिए रिंपू बागान गई थी। टीम को एक छोटे दरवाजे जैसी संरचना मिली। जब इस दरवाजे को तोड़ा गया, तो 35 जिलेटिन की छड़ें (विस्फोटक पदार्थ), 100 डेटोनेटर, चार क्रॉसबो और 15 तीर मिले। सभी सामानों को स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में जब्त कर लिया गया और जल्द ही उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। बचाए गए बच्चों में से एक की मेडिकल रिपोर्ट में उसके यौन उत्पीड़न का खुलासा हुआ है। मारक को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मेघालय में वेस्ट गारो हिल्स जिला प्रशासन ने उस फार्महाउस में कथित अनियमितताओं की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया था, जहां पुलिस की छापेमारी हुई थी। पुलिस ने दावा किया है कि मारक के फार्महाउस का कथित तौर पर वेश्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया था। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में उसकी गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले, राज्य सीआईडी ने मारक के लिए मेघालय के सभी पुलिस स्टेशनों, चौकियों और बीट कार्यालयों, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को लुक आउट नोटिस जारी किया था।
फार्महाउस से जुड़े मुद्दों की मजिस्ट्रियल जांच से पता चलेगा कि क्या मराक रिंपू बागान के असली कानूनी मालिक हैं; क्या इस तरह के प्रतिष्ठान को चलाने के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई थी, क्या परिसर के मालिक के खिलाफ शराब बेचने और कैंटीन चलाने के लिए कोई लाइसेंस जारी किया गया था और क्या नाबालिगों को परिसर में रखने की अनुमति प्राप्त की गई थी क्योंकि उन्हें कथित तौर पर बाल श्रम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। मारक ने “फरार या गिरफ्तारी से बचने” के आरोपों का खंडन किया था और कहा था कि “पुलिस विभाग में गुंडों से उनकी जान को खतरा है”। यहां तक कि राज्य भाजपा ने भी मारक के बचाव में जुट गई है। पार्टी प्रमुख अर्नेस्ट मावरी ने एक बयान जारी कर कहा कि आरोपी को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाकर अन्यायपूर्ण तरीके से फंसाया और बदनाम किया गया है। भाजपा मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार का एक घटक है, जिसका नेतृत्व मौजूदा मुख्यमंत्री कोनराड संगमा कर रहे हैं। संगमा और उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने कहा है कि सब कुछ कानून के अनुसार किया जा रहा है।

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