देश को करोड़ो का रेवेन्यू देने वाले भिवंडी की सड़कें खस्ता हाल, भारत मर्चेंट चेंबर ने उठाई आवाज

बिजनेस मुंबई

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
मुंबई। भारत की अर्थव्यवस्था में सालाना करोड़ो रुपए का योगदान देने वाले भिवंडी की सड़कें आज खस्ता हाल हैं। कपड़ा उत्पादन के लिए देश में अपनी पहचान रखने वाले भिवंडी में लगभग 10 लाख पावरलूम मशीनें हैं, जिनसे करीब एक करोड़ श्रमिक जुड़े हैं। एक करोड़ परिवार का पोषण करने वाले भिवंडी की सड़कों की दुर्दशा देखकर बाहर से आने वाले व्यापारी भी शर्मा जाते हैं। इस मुद्दे को लेकर भारत मर्चेंट चेंबर के ट्रस्टी राजीव सिंगल ने ट्विट कर राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भिवंडी की स्थिति से अवगत कराया है।
श्री सिंगल ने अपने ट्विट में बताया है कि, भिवंडी भारत का मैनचेस्टर है। सड़कें बहुत खराब हैं। एमएमआरडीए, ग्राम पंचायत, भिवंडी नगर निगम के अंतर्गत सड़के आती हैं। कपड़ा क्षेत्र में वहां 1 करोड़ श्रमिक कार्यरत हैं। लेकिन सड़क का बुनियादी ढांचा ठीक नहीं है।


भारत मर्चेंट चेंबर (Bharat Merchant chamber) कपड़ा कारोबारियों का एक बड़ा संगठन है। चेंबर से बड़ी संख्या में कपड़ा बाजार के कारोबारी जुड़े हैं। भारत मर्चेंट चेंबर जहां समय समय पर कपड़ा व्यापारियों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाता रहता है, वहीं आम जन को अच्छे उत्पादन मिले इसके लिए भी प्रयास करता रहता है। सामाजिक कार्यों को लेकर चेंबर की अपनी एक खास पहचा है। कोरोना काल में मेडिकल के क्षेत्र में इसके लिए गए कार्यों को आज भी शहर याद करता है।
भिवंडी महाराष्ट्र (Maharashtra) की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इसका एक बड़ा (13%) योगदान है।
मुंबई शहर से लगभग 40 किमी उत्तर पूर्व में स्थित, भिवंडी (Bhivandi) में 10 लाख से अधिक पावरलूम (Powerloom) हैं, जो भारत द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों का एक तिहाई से अधिक उत्पादन होता है।

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