उबटन और कंदील के माध्यम से घर-घर पहुंच रही उद्धव ठाकरे की मशाल

मुंबई

हरिओम जैसवार
मुंबई।
विधानसभा उपचुनाव भले ही सिर्फ अंधेरी पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में हो रहा है, लेकिन इस मौके पर शिवसेना के उद्धव ठाकरे धड़े ने पूरे मुंबई में घर-घर जाकर चुनाव चिन्ह मशाल के प्रचार का जिम्मा अपने हाथ में ले लिया है। विभिन्न स्थानों पर मशाल यात्रा का आयोजन किया जा रहा है और दीवाली की पूर्व संध्या पर उबटन के पैकेट के उपयोग के माध्यम से मशाल चुनाव चिन्ह के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही कंदील जैसे दिवाली उपहारों पर मशाल का चिन्ह लगाकर प्रमुखता से प्रदर्शित होने जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि, शिवसेना इस तरह अभी से मुंबई महानगर पालिका चुनाव की तैयारी में जुट गई है।
अंधेरी उपचुनाव से बीजेपी भले ही हट गई हो, लेकिन यह उपचुनाव हो रहा है। मुंबई में ठाकरे समूह के तमाम कार्यकर्ता मतदाताओं तक पहुंचने के लिए जुट गए हैं। इस बार पहली बार उद्धव ठाकरे समूह मशाल के निशान पर चुनाव लड़ेगा। इसलिए ठाकरे की शिवसेना के लिए सबसे बड़ी चुनौती मशाल चिन्ह को हर घर तक पहुंचाना है। चुनाव चिन्ह मशाल का प्रचार करने के लिए विभिन्न विभागों के कार्यकर्ता सुबह-शाम घर-घर जा रहे हैं।
हर साल दीवाली के दौरान शिवसेना घर-घर जाकर पैकेट बांटती है। यह शिवसेना की कई सालों से परंपरा है।
पूर्व महापौर विश्वनाथ महादेश्वर ने पत्रकारों से कहा कि वह मशाल चिन्ह का प्रचार उबटन पैकेट के माध्यम से कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मनपा चुनाव में चाहे कोई भी उम्मीदवार हो, हम शिवसेना का मशाल चिन्ह लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। शिवड़ी के पूर्व पार्षद सचिन पड़वाल ने मीडिया को बताया कि हमारे संभाग में करीब दस हजार मराठी घर हैं। इन परिवारों में शिवसैनिक उबटन का पैकेट बांटने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पैकेट देते समय मशाल चिन्ह की पहचान का भी उल्लेख किया जाएगा। दिवाली के दिन चालीयों के प्रवेश द्वार पर बड़ी-बड़ी कंदील लगाने की प्रथा है। इस साल कंदील पर मशाल भी लगाई जाएगी।

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