UP election 2022: अवध-पूर्वांचल में टूटे भाजपा के सिद्धांत

उत्तर प्रदेश फीचर

अजय भट्टाचार्य
अवध
और पूर्वांचल क्षेत्र की 91 उम्मीदवारों की भाजपा द्वारा जारी सूची में साफ नजर आता है जातीय समीकरण और वरिष्ठ नेताओं के दबाव के चलते पार्टी को अपना रुख नरम करना पड़ा है। भाजपा ने इस चुनाव में किसी भी नेता के परिवार के नए सदस्य को टिकट नहीं देने का सैद्धांतिक निर्णय किया था। इससे पहले जारी सूचियों में भी किसी भी नेता के परिवार के नए सदस्य को टिकट नहीं दिया था। लेकिन अवध और पूर्वांचल में पहुंचते ही भाजपा का यह फैसला दम तोड़ गया।
पार्टी ने एक कैबिनेट मंत्री सहित 16 विधायकों के टिकट काटकर 27 नए चेहरों को मैदान में उतारा है। जबकि 55 मौजूदा विधायकों पर भाजपा ने भरोसा जताया है। वहीं 26 पिछड़े और अनुसूचित जाति के 21 उम्मीदवारों पर दांव लगाया है। उम्मीदवारो में 9 महिलाएं भी है। राज्यमंत्री श्रीराम चौहान की धनघटा सीट बदलकर उन्हें खजनी से उम्मीदवार बनाया है। देवीपाटन मंडल में सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा कुर्मी समाज के बड़े नेता है। 75 वर्ष से अधिक आयु होने के कारण उनका टिकट काटा गया है लेकिन कुर्मी वोट बैंक को साधने के लिए भाजपा उनके बेटे गौरव को टिकट दिया है। सलोन से पूर्व विधायक दल बहादुर कोरी के निधन से खाली हुई सीट पर अशोक कोरी को उम्मीदवार घोषित किया है। फाजिलनगर से मौजूदा विधायक गंगा सिंह कुशवाहा की उम्र 75 वर्ष से अधिक होने के कारण उनका टिकट कटा गया है। लेकिन यहां से उनके बेटे सुरेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार घोषित किया है। बीकापुर से विधायक शोभासिंह चौहान के बेटे डॉ. अमित सिंह चौहान को उम्मीदवार घोषित किया है। फर्जी अंकतालिका के मामले में सजा काट रहे पूर्व विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी को गोसांईगंज से उम्मीदवार बनाया है। खलिलाबाद से भाजपा नेता दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे के सपा में चले जाने से खाली हुई सीट पर गणेश चंद्र चौहान को टिकट दिया है। तिंदवारी से ब्रजेश प्रजापति के सपा में जाने खाली हुई सीट पर रामकेश निषाद को उम्मीदवार घोषित किया है। कानपुर देहात के भोगनीपुर से दो दिन पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राकेश सचान को उम्मीदवार घोषित किया है। अंबेडकर नगर की जलालपुर सीट से सपा विधायक सुभाष राय ने भी दो दिन पहले भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। पार्टी ने सुभाष राय को इसी सीट से उम्मीादवार घोषित किया है। जबकि पिछले लंबे समय से इस सीट पर मनोभव त्रिपाठी मेहनत कर रहे थे। भाजपा ने 2017 में हारी हुई सीटों पर उम्मीदवार बदले है। कुंडा से सिंधुजा मिश्रा, बाराबंकी से अरविंद मौर्य, मटेरा से अरुण वीर सिंह, भिन्गा से पूर्व सांसद पद्मसैन चौधरी, रसड़ा से बब्बन राजभर को उम्मीदवार घोषित किया है। लेकिन रामपुर खास से नागेश प्रताप सिंह उर्फ छोटे सरकार, आजमगढ़ अखिलेश मिश्रा गुड्डू, दीदारगंज से डॉ. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा, चिल्लूपार से राजेश त्रिपाठी और मेहनगर से मंजू सरोज 2017 में चुनाव हारे थे। 2022 में भाजपा ने इन सभी को दोबारा मौका दिया है। भाजपा ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में भगवा परमच फहराने के लिए आजमगढ़ की अधिकांश सीटों पर उम्मीदवार बदल दिए है। 2017 में आजमगढ़ में भाजपा को एक ही सीट पर जीत नहीं मिली थी। नए चेहरे में इस बार गोपालपुर से सत्येंद्र राय, निजामाबाद से मनोज यादव और लालगंज से नीलम सोनकर को टिकट दिया है।
(लेखक देश के जाने माने पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं।)

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