ईडी सरकार में सबसे कमजोर मुख्यमंत्री

मुंबई

अजय भट्टाचार्य
दही
हांडी महोत्सव के समय महाराष्ट्र की ईडी (एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फड़णवीस) सरकार के मुखिया एकनाथ शिंदे ने घोषणा की थी कि हमने 50 थर (मानव पिरामिड) बनाकर मटकी (महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार) तोड़ी है। अब 50 थर वाले इस गोविंदा पर 51वां थर भाजपा ने रख दिया है जो साबित करता है कि महाराष्ट्र में अब तक का सबसे कमजोर मुख्यमंत्री सत्तानशीं हुआ है। यह शिंदे की कथित असली शिवसेना का सबसे कायराना स्वरुप है। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री की जो नाकेबंदी की है उसमे शिंदे की एक कठपुतली से ज्यादा हैसियत नजर नहीं आती। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष कुलकर्णी को सीएम एकनाथ शिंदे का विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी यानि ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) नियुक्त किया गया है। शिंदे की मजबूरी इसी से समझ में आती है कि वे अपने झुण्ड के किसी कार्यकर्ता/नेता को अपना ओएसडी तक नहीं बना सके जबकि सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार है कि जब कोई मुख्यमंत्री या मंत्री बनता है तो अपनी पार्टी के ही किसी व्यक्ति को अपना ओएसडी नियुक्त करता है ताकि सरकारी अमले से अलग भी वह अपने लोगों का कम कर सके। चलिए मान लेते हैं कि कुलकर्णी बहुत काबिल हैं तो क्या भाजपा के कोई मंत्री शिंदे झुण्ड के किसी व्यक्ति को अपना ओएसडी बनाएगा? या शिंदे की इतनी हैसियत है कि अपने किसी व्यक्ति को फड़णवीस का ओएसडी बनवा दें! भाजपा के भीतरखाने की खबर है कि कुलकर्णी को इसलिए नियुक्त किया गया है ताकि दोनों गठबंधन साझीदारों के बीच समन्वय बेहतर रहे। कुलकर्णी को देवेंद्र फडणवीस का करीबी माना जाता है। भाजपा को विधान परिषद और राज्यसभा में अतिरिक्त सीट जिताने में उनकी अहम भूमिका थी। जबकि सामान्य राजनीतिक गठबंधन में आपसी समन्वय के लिए संबंधित गुटों के नुमाइंदों को शामिल कर एक समन्वय समिति बनाई जाती है जो गठबंधन में शामिल दलों के बीच तालमेल बनाये रखने और गिले-शिकवे दूर करने का काम करती है। बहरहाल महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार हुए तीन हफ्ते बीत चुके हैं और अब नौकरशाही में फेरबदल की तैयारी है।
अगले कुछ सप्ताह में महाराष्ट्र सरकार मुंबई, पुणे और नागपुर नगर निगम के आयुक्तों को बदल सकती है। कोरोना संकट में अच्छे काम के लिए तारीफ बटोर चुके मुंबई मनपा आयुक्त आईएस चहल को हटाकर उनकी जगह पर नितिन करीर का नाम सबसे आगे चल रहा है। वह फिलहाल अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) हैं। हाल ही में भाजपा विधायकों ने चहल पर हमला बोलते हुए मुंबई मनपा में भ्रष्टाचारके आरोप लगाए थे। यही नहीं सरकार की ओर से अनियमितताओं की जांच के लिए भी आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा श्रवण हर्डीकर और संजीव कुमार को पुणे मनपा आयुक्त की दौड़ में बताया जा रहा है। एक अधिकारी के मुताबिक हर सरकार चाहती है कि वह अपने पसंद के अधिकारियों को ही रखे, जो अच्छे से काम में उसका सहयोग करें। गणेश उत्सव के बाद अगले सप्ताह नौकरशाही में कुछ अहम बदलाव हो सकते हैं। यह दो चरणों में होगा ताकि कामकाज में किसी भी तरह की बाधा पैदा न होने पाए। दरअसल कई मंत्रालयों में अधिकारियों की कमी है या फिर एक ही अधिकारी के हवाले दो विभाग हैं। फडणवीस सरकार में अधिकारी रहे आईएएस प्रवीण दराडे और पराग जैन नेनुतिया को भी ईडी सरकार में जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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